गाजियाबाद में सिर तन से जुदा करने की धमकी मिलने के बाद तीन लोगों ने लिया संन्यास

गाजियाबाद ब्यूरो। सिर तन से जुदा करने की धमकी मिलने के बाद तीन लोगों ने रविवार को संन्यास ले लिया। शिव शक्ति धाम डासना मंदिर में तीनों ने यति नरसिंहानंद से दीक्षा लेकर गृहस्थ आश्रम छोड़ दिया। मंदिर प्रबंधन की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि डॉ. अरविंद वत्स अकेला, सरोज नाथ, श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्षकार पंडित राजेशमणि त्रिपाठी ने विधिविधान से दीक्षा ग्रहण कर ली है। इसके अलावा झारखंड पुलिस के सेवानिवृत्त निरीक्षक रणविजय सिंह ने अपना पिंडदान कर संन्यास की दीक्षा ग्रहण की। इस मौके पर महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि ने कहा कि संन्यासी का पहला कर्तव्य ही धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान करना है।
धर्म का मार्ग बहुत कठिन होता है लेकिन परमात्मा उसी से प्रसन्न होते हैं जो धर्म की रक्षा के लिए प्राण देते हैं। आंबेडकर नगर कॉलोनी निवासी डॉ. अरविंद वत्स अकेला ने सिर तन से जुदा करने की धमकी मिलने की रिपोर्ट सिहानी गेट थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस की जांच में पता चला था कि डॉक्टर ने लोकप्रियता पाने के लिए झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जब डॉक्टर पर कार्रवाई का शिकंजा कसा तो वह फरार हो गए। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया और डासना देवी मंदिर जाकर यति नरसिंहानंद की शरण में पहुंच गए। रविवार को उन्होंने दीक्षा लेकर संन्यासी चोला पहन लिया है।




