कार की आरसी पर लिख दिया बैंक ऋण, गाजियाबाद आरटीओ पर लगा 10 हजार का अर्थदंड

गाजियाबाद। नकद खरीदी गई कार के पंजीकरण प्रपत्र (आरसी) पर बैंक ऋण लिखने पर न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद परितोष आयोग ने संभागीय परिवहन अधिकारी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड की राशि 60 दिन के अंदर जमा करने का आदेश दिया है। न्यायालय के अध्यक्ष/ न्यायाधीश प्रवीण कुमार जैन ने यह भी आदेश दिया है कि आदेश के तीस दिन के अंदर ही परिवादी के वाहन की आरसी से एचडीएफसी बैंक हटाकर संशोधित आरसी जारी की जाए।
गोविंदपुरम निवासी पुष्पेंद्र कुमार वर्मा ने छोटी बहन की शादी में उपहार देने के लिए वर्ष 2011 में स्विफ्ट कार रोहन मोटर्स ग्रेटर नोएडा से 458830 रुपये में खरीदी थी। कार का पंजीकरण कराने के लिए आरटीओ कार्यालय में सभी दस्तावेजों के साथ पंजीकरण कराने की अर्जी लगाई। पंजीकरण के बाद आरसी जारी की गई, जिसमें हाइपोथिकेशन (वाहन पर बैंक कर्ज) के आगे एचडीएफसी बैंक नई दिल्ली लिख दिया।
इस मामले में आरटीओ में शिकायत करने के बाद बैंक से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लाने के लिए कहा गया। बैंक ने एनओसी देने से इनकार कर दिया। परितोष आयोग ने माना कि आरसी जारी करने में आरटीओ ने ग्राहक सेवा में कमी की है। इससे वादी को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी है। आयोग ने आदेश दिया है कि आगे से कोई भी आरसी जारी करते समय वाहनों के प्रपत्रों में ऋण संबंधित प्रपत्रों की जांच पड़ताल कर जारी किया जाए।




