शादी का झांसा देकर 150 महिलाओं से करोड़ों ठगे, साइबर क्राइम पुलिस ने किया पर्दाफाश

नोएडा ब्यूरो। सोशल मीडिया पर दोस्ती कर 150 से अधिक महिलाओं से करोड़ों ठगने वाले नाइजीरियाई गिरोह का सेक्टर-36 स्थित साइबर क्राइम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने नाइजीरियाई क्यूडम क्रिश्चियन और सेनेगल निवासी महिला को ग्रेनो वेस्ट से गिरफ्तार किया है।दोनों शादी का झांसा व गिफ्ट भेजने के नाम पर ठग रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर कुल ठगी गई रकम का पता लगा रही है। कुछ दिन पहले नोएडा निवासी श्रेया शर्मा ने पुलिस से शिकायत की थी कि सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाने के बाद आरोपियों ने खुद को बेल्जियम में आईटी कंपनी का हेड बताकर उनसे 8.40 लाख रुपये ठगे हैं। मामले की जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी क्यूडम खुद को आईटी कंपनी हेड, कंपनी अधिकारी, लीगल मैनेजर आदि बताकर सोशल मीडिया या वैवाहिक साइट पर फर्जी प्रोफाइल बनाता था। इसके बाद महिलाओं से दोस्ती कर शादी का झांसा देता था और महंगे गिफ्ट, विदेशी मुद्रा भेजने के नाम पर कस्टम व एक्सचेंज ड्यूटी को लेकर रकम खाते में मंगवाता था। साइबर क्राइम थाना की प्रभारी निरीक्षक रीता यादव ने बताया कि कस्टम ड्यूटी आदि के लिए सेनेगल की महिला फोन करती थी। दोनों आरोपी 2019 में बिजनेस वीजा पर भारत आए थे।
बाल के कारोबार के लिए नाइजीरियाई आया था भारत
क्यूडम नकली बाल के कारोबार के नाम पर भारत आया था और यहां साइबर ठगी करने लगा। भारतीयों के बाल सुंदर होने के कारण विदेशों में काफी मांग है। अफ्रीका में इन बालों से बनी विग की अच्छी कीमत मिलती है। इस कारण नाइजीरिया समेत अन्य देशों के लोग बिजनेस वीजा पर भारत आते हैं। क्यूडम विधवा, अधिक उम्र की महिलाओं को सामान्य तौर पर निशाना बनाता था। हाल ही के दिनों में आरोपी ने बेल्जियम की कंपनी का हेड बताकर कई महिलाओं को ठगा था।

पूर्वोत्तर भारत के लोगों के नाम के सिम का इस्तेमाल
आरोपियों के पास से पुलिस ने 15 सिम बरामद किए हैं। सभी सिम पूर्वोत्तर व दक्षिण भारत के राज्यों के लोगों के नाम पर हैं। पूछताछ में पता चला है कि ये दोनों आरोपी कई भारतीय लोगों के भी संपर्क में थे। पुलिस ऐसे लोगों की जानकारी जुटा रही है।
200 मोबाइल नंबर, 400 ईमेल का डाटा बैंक
आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल की जांच में 200 नंबर मिले हैं। साथ ही, 400 ईमेल आईडी का डाटा मिला है। आरोपी इन ईमेल व मोबाइल नंबर की महिलाओं को निशाना बनाना चाहते थे। पुलिस के मुताबिक नाइजीरियाई जालसाज ने डेटा ब्रोकर से ये डेटा खरीदा है और कुछ नंबर ऑनलाइन साइट से भी लिए हैं।

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