उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मर्चेंट नेवी में फर्जी नौकरी दिलाने के रैकेट का हुआ भंडाफोड़

A racket of providing fake jobs in Merchant Navy was busted in Ghazipur, Uttar Pradesh

गाजीपुर/उत्तर प्रदेश। गाजीपुर जनपद के एक विद्यालय में गुरुवार को मर्चेंट नेवी की फर्जी तरीके से परीक्षा कराने का मामला सामने आया। इसकी जानकारी के बाद पुलिस सक्रिय हुई। जब परीक्षा केंद्र पर पहुंची तो पता चला की पूरी परीक्षा ही फर्जी तरीके से कराई जा रही है। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए परीक्षा करने वाले दो लोगों गिरफ्तार किया है। पुलिस संबंधित पेपर और परीक्षा की कॉपियां के साथ अन्य डॉक्युमेंट को सीज कर कार्रवाई करने में जुट गई।
सदर कोतवाली के अंतर्गत गोरा बाजार इलाके में एक निजी स्कूल में गुरुवार मर्चेंट नेवी की परीक्षा कराई जा रही थी। जिसमें कुल 230 अभ्यर्थी शामिल हुए। इसमें गाजीपुर, बलिया और वाराणसी सहित आसपास के जनपदों के कैंडिडेट शामिल थे। इसकी जानकारी विद्यालय के प्रबंधक और प्रधानाचार्य के माध्यम से पुलिस को दी गई थी। पहले तो इन्हें मर्चेंट नेवी की परीक्षा बताई गई थी। बाद में जब यह लोग गुरुवार की सुबह अभ्यर्थी पहुंचे उसके पहले उनके एडमिट कार्ड पर मोहर लगाते हुए देखे गए। जिससे स्कूल के लोगों को फर्जीवाड़े की जानकारी समझ में आई।
स्कूल के लोगों ने कोतवाली पुलिस को इसकी जानकारी दिया। कोतवाली पुलिस, एसडीएम सदर सहित अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंची। जब जांच किया, तब पता चला कि परीक्षा करने वाली संस्था फर्जी ऐप के माध्यम से पूरे देश में मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलाने के लिए वेकैंसी आमंत्रित किया था।
बेरोजगार युवक रोजगार की तलाश में आवेदन किए थे। इसकी गुरुवार को परीक्षा कराई जानी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परीक्षा से संबंधित सभी कागजात को सीज किया। परीक्षा कराने आए दो युवक जो राजस्थान के रहने वाले बताए जा रहे हैं। उन्हें अपने साथ लेकर कोतवाली गई। वहीं प्रबंधकों ने बताया कि परीक्षा करने वाली संस्था हरियाणा की है।
वहीं बातचीत के दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक भास्कर मिश्रा ने बताया कि इस परीक्षा की जानकारी उनके विभाग को नहीं थी। जिला अधिकारी कार्यालय से इस परीक्षा की जानकारी हुई। जिसके बाद वह मौके पर पहुंचे। उन्होंने पाया कि फर्जी तरीके से परीक्षा संपादित कराई जा रही है। जिसको लेकर उन्होंने विभागीय कार्रवाई करने के साथ ही इसकी सूचना जिलाधिकारी को दिया है।
अपर पुलिस अधीक्षक सिटी ज्ञानेंद्र प्रसाद ने बताया कि फर्जी तरीके से परीक्षा कराई जाने की जानकारी हुई थी। इसके बाद पुलिस ने करवाई किया जब जांच किया तो मामला फर्जी परीक्षा कराने का निकाला। इसके बाद दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। किस तरह से यह लोग फर्जी परीक्षा दिलाने का काम कर रहे थे इसके बारे में जानकारी जुटा जा रही है।

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