दिल्ली के नरेला इलाके में 10 साल की बच्ची को अगवा कर गैंगरेप के बाद हत्या

नई दिल्ली। आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के नरेला इलाके में 10 साल की एक बच्ची को अगवा कर गैंगरेप करने के बाद हत्या कर दी गई। गुरुवार रात बच्ची खाना खाने के बाद घर से निकली थी। इसके बाद वापस नहीं लौटी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बच्ची पड़ोस के एक युवक के साथ दिखाई दी थी। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ करने के बाद आरोपी को दबोचा।पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपने एक पड़ोसी साथी के साथ मिलकर बच्ची के साथ गैंगरेप किया और फिर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर दूसरे आरोपी को भी दबोच लिया और बच्ची के शव को एक खाली प्लॉट से बरामद किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो और हत्या का केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों की पहचान राहुल और देवदत्त के रूप में हुई है। वहीं, शुक्रवार सुबह बच्ची के परिजन और इलाके के रहने वाले लोग काफी संख्या में थाने पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। पुलिस के आला अधिकारियों ने सभी लोगों को समझा-बुझाकर शांत करवाया।
पुलिस के मुताबिक बच्ची परिवार के साथ नरेला इलाके में रहती थी। परिवार में माता-पिता के अलावा एक बड़ी बहन है। पिता सरकारी अस्पताल में सफाई का काम करते हैं। वहीं, मां घरों में साफ-सफाई का काम करती हैं। बच्ची इलाके के एक स्कूल में 5वीं क्लास में पढ़ती थी। परिवार के अनुसार, गुरुवार रात करीब 9:30 बजे बच्ची खाना खाने के बाद खेलने के लिए घर से बाहर गई थी, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आने पर परिवार वालों ने उसे खोजना शुरू किया। काफी खोजबीन के बाद बच्ची के नहीं मिली तो रात करीब 12:30 बजे पिता ने बच्ची के लापता होने की जानकारी पुलिस को दी।
बच्ची की सिर कुचलकर कर दी हत्या
मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची के पिता के बयान पर केस दर्ज कर कर बच्ची को खोजना शुरू किया। पुलिस ने घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच की। जांच के दौरान पुलिस को स्थानीय लोगों से पता चला कि बच्ची को पड़ोस में रहने वाले राहुल के साथ गुरुवार को देखा गया था। शक के आधार पर पुलिस ने राहुल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती करने पर आरोपी ने बताया कि पड़ोस में रहने वाले देवदत्त के साथ मिलकर उसने बच्ची को अगवा कर गैंगरेप किया। पहचान होने के डर से उन लोगों ने ईंट से बच्ची का सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पुलिस ने देवदत्त को भी दबोच लिया और इनकी निशानदेही पर एक खाली प्लॉट से बच्ची का शव बरामद किया। पुलिस ने क्राइम और फरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया। पुलिस का कहना है कि राहुल रबड़ ट्यूब बनाने वाली फैक्ट्री में काम करता है, जबकि देवदत्त छाता फैक्ट्री में काम करता है।
मोमोज खिलाने के बहाने बच्ची को ले गया था
पुलिस सूत्रों के अनुसार शुरुआती जांच में पता चला है कि राहुल मोमोज खिलाने के बहाने बच्ची को अपने साथ ले गया था। रास्ते में बच्ची की एक सहेली उसे मिली। सहेली ने उससे रात को बाजार आने का कारण पूछा। जिस पर बच्ची ने बताया कि अंकल उसे मोमोज खिलाने के लिए लेकर जा रहे हैं। पुलिस को लोगों से ही पता चला कि आखिरी बार बच्ची राहुल के साथ देखी गई थी। जांच में पता चला है कि देवदत्त बच्ची के घर के पीछे वाली गली में रहता है। इधर शुक्रवार सुबह बच्ची के परिजन और इलाके के रहने वाले लोगों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया। लोगों की मांग थी कि आरोपियों को फांसी दी जाए। लोगों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा बुझाकर किसी तरह से उन्हें शांत करवाया।




