हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना पर कार्रवाई: खड़गवां में सड़क पर केक काटने और पटाखेबाजी मामले में चौकीदार वेतन वृद्धि रोकी गई एवं स्थानांतरण

शोभित शर्मा,खड़गवां/छत्तीसगढ़। खड़गवां विकासखंड के आबादी क्षेत्र में बीच सड़क पर कार की बोनट पर केक काटने और पटाखे फोड़ने के वायरल वीडियो के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। यह मामला माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में दर्ज WPPIL क्रमांक 21/2025 के आदेशों का स्पष्ट उल्लंघन माना गया।
घटना दिनांक 27 अक्टूबर 2025 की बताई जा रही है, जब सार्वजनिक स्थान पर इस प्रकार की गतिविधि का वीडियो सामने आने के बाद मीडिया के माध्यम से इसे जिला प्रशासन के संज्ञान में लाया गया। जांच के दौरान शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खड़गवां द्वारा पुष्टि की गई कि उक्त कृत्य में शामिल व्यक्ति संग्राम गुप्ता, जो विद्यालय में चौकीदार के पद पर कार्यरत है।
कारण बताओ नोटिस और निलंबन की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर द्वारा संग्राम गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। हालांकि, प्रस्तुत जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आदेश दिनांक 29 अक्टूबर 2025 को संबंधित कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया।
जांच अधिकारी नियुक्त, आरोप सिद्ध
प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए अपर कलेक्टर मनेंद्रगढ़ को जांच अधिकारी तथा जिला शिक्षा अधिकारी को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया। जांच के दौरान संग्राम गुप्ता का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, जिससे आरोपों की पुष्टि हुई।
विभागीय कार्रवाई और सजा
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 14(5) के तहत विभागीय जांच संपन्न की गई। इसके आधार पर दोषी कर्मचारी के विरुद्ध कड़ीकार्रवाई करते हुए— दो वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से रोकी गई।आगामी आदेश तक स्थानांतरण कर उन्हें नवीन उच्च माध्यमिक विद्यालय कोटाडोल में पदस्थ किया गया।
सार्वजनिक अनुशासन पर सख्ती का संकेत
यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि सार्वजनिक स्थानों पर कानून व्यवस्था का उल्लंघन और न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खड़गवां की यह घटना न केवल सार्वजनिक अनुशासन का उल्लंघन थी, बल्कि न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी भी थी। प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई एक उदाहरण के रूप में देखी जा रही है, जो यह संदेश देती है कि नियमों के खिलाफ जाने वालों पर सख्ती तय है।

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