गाजियाबाद में बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की नई पहल
हर थाने में बनेगा सीनियर सिटीजन सेल

गाजियाबाद। कमिश्नरेट में अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा और समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस एक नई पहल करने जा रही है। साइबर सेल और मिशन शक्ति केंद्र की तर्ज पर अब सभी थानों में सीनियर सिटीजन सेल खोले जाएंगे। इस सेल के माध्यम से पुलिस सीधे बुजुर्गों के संपर्क में रहेगी और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करने का प्रयास करेगी। सीनियर सिटीजन सेल थानास्तर पर खुलने पर बुजुर्गों की समस्या और निदान के लिए एक टीम होगी जिसमें एक दारोगा और तीन पुलिसकर्मी शामिल किए जाएंगे। बीट पुलिस अधिकारी नियमित रूप से प्रतिमाह अपने क्षेत्र में निवास कर रहे बुजुर्गों से संपर्क करेंगे।
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार जनपद में करीब ढाई लाख बुजुर्ग रहते हैं, जिनमें से बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जो अकेले या सिर्फ बुजुर्ग दंपति रहते हैं। कई बार बुजुर्गों को सुरक्षा, संपति विवाद, घरेलू परेशानी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर पुलिस तक पहुंच बनाने में कठिनाई होती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए थाने स्तर पर सीनियर सिटीजन सेल बनाने की योजना तैयार की जा रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार हर थाना में एक दारोगा और तीन पुलिसकर्मियों की टीम बुजुर्गों से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी संभालेगी। बीट पुलिस अधिकारी अपने क्षेत्र में रहने वाले बुजुर्गों से नियमित संपर्क करेंगे और प्रतिमाह उनसे मुलाकात कर उनकी स्थिति और समस्याओं की जानकारी लेंगे। इससे बुजुर्गों और पुलिस के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा।
अभी तक कमिश्नरेट स्तर पर ऑपरेशन सवेरा के तहत बुजुर्गों के लिए एक सेल काम कर रही है, लेकिन जिले भर के सभी बुजुर्गों से नियमित संपर्क करना संभव नहीं हो पा रहा था। थाने स्तर पर अलग सेल बनने से पुलिस की पहुंच सीधे बुजुर्गों तक हो सकेगी और उनकी शिकायतों का जल्द समाधान किया जा सकेगा। इस व्यवस्था से उम्मीद है कि अकेले रहने वाले बुजुर्गों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी और पुलिस-जन संवाद भी बेहतर बनेगा।
बुजुर्गों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह पहल की जा रही है। थाने स्तर पर सीनियर सिटीजन सेल बनने से बुजुर्गों को पुलिस से संपर्क करने में आसानी होगी और पुलिस भी उनकी समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई कर सकेगी।-जे रविंदर गौड़, पुलिस आयुक्त




