प्रेमानंद महाराज के सामने चावल को बनाया पानी! ओपी शर्मा का जादू देख कभी हंसे तो कभी दंग रह गए संत
Rice turned into water in front of Premanand Maharaj! Saints sometimes laughed and sometimes were stunned after seeing the magic of OP Sharma

- प्रेमानंद जी महाराज के सामने जब पहुंचे जादूगर
- ओपी शर्मा जूनियर के करतब देख दंग हुए संत
- आश्रम में वार्तालाप के दौरान कई मैजिक ट्रिक्स
- चावल से पानी बनाया, रुमाल को बनाया झंडा
मथुरा/उत्तर प्रदेश। सत्य, भक्ति और धर्म के रास्ते पर चलने की सीख देने के साथ ही अपने आध्यात्मिक ज्ञान और सरल जीवन के लिए प्रसिद्ध प्रेमानंद जी महाराज (Premanand Maharaj) के सामने जादूगर ने करतब दिखाया तो नजारा देखने वाला रहा। और जादूगर भी कौन? विश्व प्रसिद्ध ओपी शर्मा जूनियर के नाम से मशहूर शर्मा के बेटे। मुलाकात और वार्तालाप के दौरान जब हैरतअंगेज जादू का प्रदर्शन हुआ तो प्रेमानंद महाराज भी आश्चर्यचकित रह गए। वह कभी उत्सुक नजर आए तो कभी बच्चों की तरह खिलखिलाकर हंस पड़े। और जादू प्रदर्शनी के बाद उन्होंने अहम सीख भी दी।वृंदावन में संत प्रेमानंद जी महाराज से मिलने दिवंगत ओपी शर्मा जादूगर के बेटे सत्य प्रकाश शर्मा पहुंचे। कानपुर निवासी जादूगर ओपी शर्मा जूनियर ने प्रेमानंद जी महाराज से वार्तालाप में कहा कि हम लोग कलाकार हैं। जादू हमारे हिसाब से एक वैज्ञानिक कला है। हम लोग जो दिखाते हैं वो विज्ञान और तकनीक पर आधारित है। इसके बाद उन्होंने एक-एक कर कलाकारी शुरू की। खाली हाथ को हवा में उछाला और मुट्ठी से भभूत-धूल गिरने लगी। प्रेमानंद महाराज जोर से हंस पड़े।
इसके बाद एक गोल बर्तन में कुछ कागज के छोटे टुकड़े डालकर आग लगाई और ढक्कन से बंद किया। फिर दोबारा जैसे ही खोला तो वहां नारंगी रंग का कपड़ा निकल आया। फिर पीले रंग के एक बड़े रूमाल के आकार के कपड़े को हवा में लहराकर डंडा बना दिया। प्रेमानंद महाराज आश्चर्य से यह देखते हुए पूछते हैं- वास्तविक? और फिर मुंह पर हाथ रख लेते हैं।
अब जादूगर ओ पी शर्मा जूनियर अयोध्या में एक संत के किस्से का उदाहरण देते हुए कटोरी में चावल लेते हैं। पहले चावल वाली कटोरी को एक दूसरी खाली कटोरी से बंद करके खोलने पर चावल की मात्रा दोगुनी होने की बात कहते हैं। और फिर से बंद करके जब कटोरी को खोलते हैं तो उसमें से पानी निकलता है। चावल का नामोनिशान नहीं रहता।
फहरा दिया तिरंगा झंडा
यह देखकर महाराज ठहाका लगा देते हैं। इसके बाद एक खाली झोले में केसरिया, सफेद और हरे रंग के तीन रंग के कपड़े डालते हैं। इसको झटककर खोलने पर भारत का तिरंगा सामने आ जाता है। प्रेमानंद महाराज इसकी तारीफ करते हुए कहते हैं कि आज 26 जनवरी गणतंत्र दिवस है। और सामने भारत का झंडा है।
प्रेमानंद ने कहा- भगवान सबसे बड़े जादूगर हैं। नाक, आंख, कान सबके यथास्थान हैं और सब लोग अलग-अलग पहचाने जा रहे हैं। इनमें सबमें एक ही है। एक को अनंत रूप में और अनंत को एक रूप में करने वाले बहुत बड़ा जादूगर है। पशु-पक्षियों की रचना और भोजन करने वाले। सबकी अलग-अलग मति और फिंगर प्रिंट्स। हम सब उनके बच्चे हैं। कुछ सत्य नहीं है फिर भी सब है। सत्य एक परमात्मा है। यह एक भ्रम है और इसी भ्रम को सत्य कर देता है इतना बड़ा जादूगर है। अपने आप से सबका विस्तार कर देता है।




