सीतामढ़ी में 71 लाख का धान गबन कर गए पैक्स अध्यक्ष और प्रबंधक

सीतामढ़ी/बिहार। सीतामढ़ी जिले में दर्जनों पैक्स अध्यक्ष और प्रबंधक सरकारी स्तर पर धान की खरीद कर गबन कर गए हैं। इन्हें धान से चावल तैयार करा कर एसएफसी गोदाम में जमा कराना था, लेकिन ऐसा करने के बजाए धान का गबन ही कर लिया गया है। गबन की बात विभाग को पता नहीं थी। जब जिला सहकारिता पदाधिकारी (डीसीओ) पैक्सों को चावल की आपूर्ति करने को पत्र भेजे, तो ये लोग अनाकानी कर रहे थे। चावल शीघ्र और निर्धारित अवधि में जमा नहीं कराने पर डीसीओ की ओर से कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई थी। इसके बाद भी कई पैक्स अध्यक्ष और प्रबंधक चावल जमा नहीं करा सके। तब इस बात का खुलासा हुआ कि संबंधित पैक्स अध्यक्ष धान का गबन कर चुके हैं। इसी वजह से धान का चावल तैयार कराकर एसएफसी को उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। इसके बाद विभाग ने प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अब रसलपुर पैक्स में गबन उजागर
इसी कड़ी में उजागर हुआ है कि जिले के डुमरा प्रखंड के रसलपुर पैक्स के अध्यक्ष और प्रबंधक ने मिलकर 71 लाख से अधिक का धान गबन कर लिया है। उक्त दोनों के खिलाफ डीसीओ के आदेश पर डुमरा बीसीओ ने डुमरा थाना में प्राथमिकी कराई है। हालांकि ये कोई पहला पैक्स नहीं है, जिसने गबन कर लिया हो और उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की गई है। ऐसे पैक्सों की लंबी फेहरिस्त है। प्राथमिकी के अनुसार, रसलपुर पैक्स की ओर से 6405 क्विंटन धान की खरीद की गई थी, जिसमें से 2959.97 क्विंटल धान का चावल एसएफसी को उपलब्ध करा दिया गया, जबकि शेष 3445.03 क्विंटल धान का चावल उपलब्ध नहीं कराया गया।
30 सितंबर तक देना था चावल
बताया गया है कि उक्त पैक्स अध्यक्ष और प्रबंधक को 30 सितंबर तक शेष चावल उपलब्ध कराने, अन्यथा कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। निर्धारित अवधि तक चावल नहीं देने पर पैक्स अध्यक्ष खुशबू कुमारी और प्रबंधक नगीना कुमारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। अध्यक्ष रसलपुर गांव की, तो प्रबंधक आरिफपुर बाजितपुर गांव की है। बीसीओ के अनुसार, जितना धान का गबन किया गया है, उसका मूल्य 71 लाख 13 हजार 986 रुपये होता है, जो सरकारी राशि है। बताया गया है कि अध्यक्ष और प्रबंधक से उक्त राशि की वसूली 12 प्रतिशत ब्याज जोड़कर की जाएगी।
बता दें, चार दिन पहले परिहार प्रखंड के चार पैक्स के आठ अध्यक्ष और प्रबंधक के खिलाफ धान गबन के आरोप में ही प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इन चारों पैक्सों पर एक करोड़ 34 लाख के धान का चावल तैयार नहीं कराने और एसएफसी को उपलब्ध नहीं कराने का आरोप है। प्राथमिकी में परसंडी पैक्स पर 46 लाख 61 हजार 799 रुपये, जगदर पैक्स पर 19 लाख 95 हजार 130, बेतहा पैक्स पर 14 लाख 25 हजार 20 और परसा पैक्स पर 53 लाख 53 हजार 665 रुपये के धान गबन का आरोप लगाया गया था।
इससे पहले 16 अक्टूबर को बेला थाना में मनपौर पैक्स अध्यक्ष भूप नारायण सिंह और प्रबंधक पंकज कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इन दोनों पर 35 लाख 47 हजार 670 रुपये के धान के गबन का आरोप लगाया गया था।

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