शादीशुदा प्रेमिका के बुलावे पर 1200 किमी दूर सतना आया प्रेमी, फिर मिलकर उसके पति को मार डाला

सतना/मध्य प्रदेश। जिले के जैतवारा थाना क्षेत्र में हुए अंधे हत्याकांड का पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। इस कत्ल की पटकथा किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। जहां एक पत्नी ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही सुहाग की बलि चढ़ा दी। पुलिस ने आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना की शुरुआत 4 मार्च की रात से हुई, जब 45 वर्षीय कौशलेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ डब्बू अचानक अपने घर से लापता हो गए। परिजनों की तलाश के बीच अगले दिन 5 मार्च को गांव के बाहर नदी किनारे उनका लहूलुहान शव मिला। सिर पर गहरे जख्म और शरीर पर घसीटने के निशान थे।
थाना प्रभारी अभिषेक पांडेय के नेतृत्व में जब जांच शुरू हुई, तो शक की सुई पत्नी कुसुम सिंह पर जाकर टिक गई। पूछताछ में वह बार-बार बयान बदल रही थी। पुलिस ने जब साइबर सेल की मदद ली, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। वारदात वाले दिन कुसुम की लगातार बातचीत बांदा यूपी के संदीप पटेल (32) से हो रही थी। पुलिस ने घेराबंदी कर संदीप को बांदा से दबोच लिया।
आरोपी संदीप ने पुलिस की कड़ाई के आगे घुटने टेक दिए और कत्ल का जो राज खोला उसने सबको सन्न कर दिया। संदीप और मृतक डब्बू गुजरात में साथ काम करते थे। इसी दौरान संदीप का डब्बू की पत्नी कुसुम से प्रेम संबंध हो गया। डब्बू को इस पर सख्त ऐतराज था, जो उसकी मौत की वजह बना। संदीप 3 मार्च को गुजरात से निकला और 4 मार्च को सतना पहुंचा। शाम को संदीप ने डब्बू को शराब पिलाने के बहाने नदी किनारे बुलाया। जब डब्बू नशे में धुत हो गया, तो संदीप ने उसके सिर पर भारी पत्थर से ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत की नींद सुला दिया। कत्ल के बाद उसने शव को नदी में फेंकने की कोशिश की और उसी रात बाइक से वापस बांदा फरार हो गया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और खून से सना पत्थर बरामद कर लिया है। पुलिस ने कुसुम सिंह उर्फ रीना और संदीप पटेल दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में जैतवारा पुलिस और साइबर सेल की भूमिका सराहनीय रही, जिन्होंने कॉल डिटेल्स और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कातिलों को उनके अंजाम तक पहुंचाया।




