गुरुग्राम में 50 लाख की साइबर ठगी केस में एक्सिस बैंक दो कर्मचारी समेत तीन गिरफ्तार

गुरुग्राम। गुरुग्राम साइबर पुलिस ने एक बार फिर साइबर ठगों से संलिप्तता पर दो बैंक कर्मचारियों समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपितों ने किसी के कहने पर फर्जी फर्म के नाम बैंक खाता खोलकर तीन लाख रुपये में उपलब्ध कराया था। हाथरस से पकड़े गए तीनों आरोपितों की पहचान उत्तर प्रदेश के हाथरस के पच्चो गांव के पिंटू कुमार, विकास काॅलोनी के रोहित और धर्म कुंज के रहने वाले उमंग गुप्ता के रूप में की गई। आरोपित उमंग एक्सिस बैंक की हाथरस ब्रांच में सेल्स एग्जीक्यूटिव के पद पर पिछले तीन साल से और रोहित छह साल से एक्सिस बैंक शाखा हाथरस में ब्रांच सेल्स मैनेजर के पद पर कार्य कर रहा है। एसीपी साइबर क्राइम प्रियांशु दीवान ने बताया कि 15 जनवरी को एक व्यक्ति ने साइबर थाना दक्षिण में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। उसने बताया था कि ठगों ने उसके मोबाइल में फर्जी एप डाउनलोड कराया। यूएस डाॅलर में निवेश करने के नाम पर उनसे 50 लाख रुपये से अधिक की ठगी की गई। साइबर पुलिस ने केस दर्ज होने के बाद जांच करते हुए खाताधारक व खाता बेचने वाले दो आरोपितों को पकड़ा। उनसे पूछताछ में इन तीनों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद दो बैंक कर्मियों समेत तीन आरोपितों को शनिवार को हाथरस से गिरफ्तार किया गया।
आरोपितों से पूछताछ और जांच में पता चला कि अभियोग में ठगी गई राशि में से 50 लाख रुपये दिनेश इंटरप्राइजेज नाम की फर्म में ट्रांसफर हुए थे। यह फर्म आरोपित दिनेश कुमार के नाम पर थी। इस फर्म के बैंक खाते को दिनेश ने अंकुल व पिंटू को 30 हजार रुपये में बेचा था। यही बैंक खाता आरोपित पिंटू व अंकुल ने आगे आठ लाख रुपये में किसी अन्य व्यक्ति को बेचा। यह बैंक खाता अंकुल व पिंटू ने अपने साथी दिनेश के साथ मिलकर आरोपित उमंग गुप्ता व रोहित के माध्यम से फर्जी तरीके से खुलवाया। दोनों आरोपितों ने दिनेश का फर्जी फर्म खाता खोला था। इसके बदले पिंटू के माध्यम से उमंग को एक लाख रुपये तथा रोहित को दो लाख रुपये मिले थे। पूछताछ में पता चला कि आरोपितों द्वारा फर्जी तरीके से अन्य बैंक खाते भी खोले गए हैं। पुलिस इनके बारे में जानकारी कर रही है।




