शामली में ये कैसा अजूबा! सबमर्सिबल से निकल रहा खौलता पानी, क्या है 15 साल पुराना राज?

शामली/उत्तर प्रदेश। शामली जिले के चौसाना क्षेत्र में कड़ाके की ठंड के बीच गांव जिजौला के मजरा अमलापुर में एक पुराने सबमर्सिबल बोरिंग से गर्म पानी निकल रहा है। तेज भाप के साथ निकलते इस पानी ने जहां लोगों में कौतूहल पैदा किया है, वहीं इसके संभावित कारणों और प्रभावों को लेकर चिंता भी बढ़ा दी है। वही सबमर्सिबल से गर्म पानी निकलने की बात गांव जैसे ही फैली लोगो भीड़ देखने के लिए उमड़ पड़ी।
यह मामला करीब आठ दिन पहले का बताया जा रहा है, जब कपिल के घर लगे नल से अचानक बेहद गर्म पानी आने लगा। शुरुआत में पानी इतना ज्यादा गर्म था कि उस पर हाथ रखना भी मुश्किल हो रहा था। कपिल के अनुसार, बाद में तापमान कुछ कम हुआ, लेकिन अब भी पानी इतना गर्म है कि सीधे स्नान करना संभव नहीं है। ग्रामीण ठंडा पानी मिलाकर नहाने को मजबूर हैं, जबकि कई लोग इसी पानी का उपयोग बर्तन धोने और अन्य घरेलू कामों में कर रहे हैं।
सबमर्सिबल बोरिंग करीब 15 साल पुरानी बताई जा रही है। खास बात यह है कि उसी क्षेत्र में लगभग सात मीटर की दूरी पर एक अन्य बोरिंग से सामान्य तापमान का पानी निकल रहा है। यही वजह है कि ग्रामीणों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एक ही इलाके में जमीन के नीचे ऐसा क्या बदलाव हुआ, जिससे एक बोरिंग से गर्म पानी और दूसरी से सामान्य पानी आ रहा है।
गर्म पानी की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से भी लोग इसे देखने पहुंचने लगे हैं। सर्दी के मौसम में प्राकृतिक रूप से गर्म पानी मिलने से कुछ लोगों को राहत जरूर मिल रही है, लेकिन जानकारों और ग्रामीणों का कहना है कि बिना जांच के इस पानी का इस्तेमाल खतरनाक साबित हो सकता है। आशंका जताई जा रही है कि कहीं यह पानी किसी गैस, रासायनिक तत्व या भूगर्भीय गतिविधि के कारण तो गर्म नहीं हो रहा। यदि पानी दूषित हुआ, तो इससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
ग्रामीण कपिल का कहना है कि फिलहाल पानी के इस्तेमाल से कोई नुकसान सामने नहीं आया है, लेकिन वह भी जांच के पक्ष में हैं। कृष्णपाल ने बताया कि जब तक पानी की गुणवत्ता की जांच नहीं हो जाती, तब तक इसे पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। ओमपाल के अनुसार, सर्दी में बिना पानी गर्म किए नहाने की सुविधा मिल रही है, लेकिन मन में डर भी बना हुआ है। वहीं बृजपाल का कहना है कि जैसे-जैसे लोगों को जानकारी मिल रही है, वैसे-वैसे भीड़ बढ़ती जा रही है।
वही ग्रामीणों ने प्रशासन और जल विभाग से जल्द से जल्द पानी की वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की है, ताकि इस रहस्यमयी घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सके और किसी भी संभावित खतरे से पहले ही बचाव किया जा सके। फिलहाल, चौसाना का यह गर्म पानी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।




