फतेहपुर जिला अस्पताल में स्ट्रेचर न मिलने पर बच्चे को पटरे पर लादकर ले गए परिजन

फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। फतेहपुर में जिला अस्पताल का दृश्य सोमवार को किसी दर्दनाक कहानी से कम नहीं था। जहां राहत मिलने की उम्मीद में मरीज आए थे, वहीं उन्हें अस्पताल की लापरवाही ने और पीड़ा दे दी। स्ट्रेचर न मिलने पर एक मरीज को परिजनों ने घर से लोहे का पटरा मंगाकर ऑपरेशन थिएटर तक पहुंचाया। यह दृश्य देखकर मौजूद लोग द्रवित हो उठे।
इसी अस्पताल में एक और मरीज, जिसका पैर टूटा था, स्ट्रेचर न मिलने पर परिजनों के कंधों के सहारे डॉक्टर तक पहुंचा। यह सब उस जिला अस्पताल में हुआ, जो मेडिकल कॉलेज से संबद्ध है और जहां रोज़ करीब 1500 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। स्ट्रेचर की कमी ही नहीं, अस्पताल की बदहाली हर कदम पर मरीजों को सताती है। पर्चा बनवाने से लेकर दवा और जांच तक, हर जगह लंबी कतारें और घंटों इंतज़ार। ओपीडी में मरीज दो से तीन घंटे तक डॉक्टरों के आने का इंतजार करते रहे।
इतना ही नहीं, अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन तीन दिनों से खराब है। जांच कराने पहुंचे मरीजों को वापस लौटना पड़ा। नाराज स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब सुविधा देनी नहीं थी, तो सीटी स्कैन सेंटर खोला ही क्यों गया। मजबूरी में मरीज अब निजी केंद्रों पर दोगुने-तीन गुने दाम देकर जांच करा रहे हैं। वहीं, डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवाएं लिखने का सिलसिला भी थम नहीं रहा।




