पटरियों को हिंसा और हादसे से बचाएगा रेलवे का ‘कवच’, दिल्ली में ट्रेनों की स्पीड भी बढ़ जाएगी!

- दिल्ली में रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ दीवारें बनाने की तैयारी
- रेलवे बोर्ड को भेजा गया प्रस्ताव, 335 करोड़ आएगा खर्च
- दावा- हिंसा, चोरी और पटरी पर होने वाले हादसे रुकेंगे
नई दिल्ली। हिंसा, चोरी और रेलवे पटरी पर होने वाले हादसों को रोकने की कवायद अब रेलवे ने तेज कर दी है। दिल्ली डिविजन के अधिकारियों ने पटरी के दोनों तरफ दीवारें बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। लगभग 335 करोड़ रुपये की लागत से दिल्ली डिविजन के अंदर करीब 320 किलोमीटर के दायरे में पटरियों के किनारे दीवारें बनाईं जाएंगी। यह प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। दावा है कि पटरी किनारे दीवारें बनाने से हादसों का खतरा कम होगा और साथ ही ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ जाएगी। जानकारी के मुताबिक, भेजे गए प्रस्ताव में लाजपत नगर से इंद्रपुरी हॉल्ट के बीच 15 किलोमीटर, पुरानी दिल्ली, नई दिल्ली और शकूरबस्ती और गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से पहले करीब 6 किलोमीटर, शाहदरा से टपरी के बीच 40 किलोमीटर, दिल्ली से भटिंडा के बीच 26 किलोमीटर, रोहतक से रेवाड़ी के बीच 10 किलोमीटर, सराय रोहिल्ला और रेवाड़ी सेक्शन के बीच 65 किलोमीटर, दिल्ली से अंबाला के बीच 50 किलोमीटर, गाजियाबाद से सहारनपुर के बीच 76 किलोमीटर के दायरे में दीवार बनाई जाएगी। रेलवे सूत्रों का कहना है कि इसके अलावा भी कई इलाके हैं, जहां पटरी के दोनों साइड दीवारें बनाईं जाएंगी। दीवार की ऊंचाई 2.2 मीटर तय की गई है।
दिल्ली-हावड़ा के बीच लगभग 75 पर्सेंट काम पूरा
दिल्ली से हावड़ा के बीच ट्रेन की रफ्तार 160 प्रतिघंटा करने को लेकर काम लगभग 75 प्रतिशत पूरा हो चुका है। रेलवे के अधिकारी के मुताबिक, इस रूट पर ट्रैक किनारे लगभग 13.45 किलोमीटर के दायरे तक दीवार बनाने का प्रस्ताव था और लगभग 10 किलोमीटर तक दीवार बनाई जा चुकी है। बाकी अक्टूबर तक यहां दीवार बनाने का काम पूरा हो जाएगा।
दिल्ली से पलवल के बीच बढ़ेगी स्पीड
दिल्ली से पलवल सेक्शन के बीच जल्द ही ट्रेन की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी। इसके लिए यहां करीब 9 किलोमीटर के दायरे तक दीवार बनाने का प्रस्ताव दिया गया था। जिसमें से 8.2 किलोमीटर के दायरे तक दीवार बन चुकी है। उम्म्मीद है कि अक्टूबर तक यहां दीवार बनाने का काम पूरा हो जाएगा।




