गोरखपुर में सरकारी योजनाओं का लालच देकर नौकरानी समेत 3 के खातों से हुआ 50 करोड़ का ट्रांजेक्‍शन

गोरखपुर/उत्तर प्रदेश। गोरखपुर में जालसाजी और धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर सब हैरान रह गए। सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लालच देकर नौकरानी, उसकी भाभी और ननद के खाते से 50 करोड रुपए का लेनदेन हो गया। इतनी ज्यादा रकम के ट्रांजेक्‍शन की भनक जब तीनों को हुई तो सबके होश उड़ गए। नौकरानी की तहरीर पर एसएसपी ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
बिहार के गोपालगंज जिले की रहने वाली लक्ष्‍मीना देवी शाहपुर क्षेत्र में एक व्यापारी के घर साफ-सफाई का काम करती हैं। अगस्त 2023 में व्यापारी और उसकी पत्नी ने सरकारी योजना का लाभ दिलाने की जानकारी और लालच देखकर मेडिकल कॉलेज रोड स्थित निजी बैंक में नौकरानी का खाता खुलवा दिया। खाता कुलने के बाद लक्ष्मीना ने इसकी जानकारी जब अपनी भाभी और ननद को दी तो वह भी योजनाओं का लाभ लेने की लालच में खाता खुलवाने के लिए आतुर हो गईं। उन दोनों का भी खाता खुलवा दिया गया। दिसंबर 2023 में जब लक्ष्मीना की भाभी के पते पर बैंक ने चेक बुक भेजा, तब स्वजनों ने उत्सुकतावश इसकी जानकारी लेने के लिए जांच कराई तो पता चला खाते से करोड़ों रुपए का टर्नओवर हो चुका है। यह जानकर परिजन सकते में आ गए।
लक्षमीना ने इसकी जानकारी एसएसपी और एसपी सिटी को दी। जानकारी होने पर प्रकरण की जांच एसपी/ सीओ कैंट अंशिका वर्मा को सौंपी गई है। अब तक की जांच में जो कुछ सामने आया है उसके अनुसार यह प्रकरण ‘मनी म्यूल’ से जुड़ा हुआ है। तीनों महिलाओं के अलावा कई अन्य लोग भी इस जालसाजी का शिकार हो चुके हैं। पुलिस उन सभी के बारे में छानबीन कर रही है। एसएसपी गौरव ग्रोवर ने बताया कि ‘मनी म्यूल’ एक शब्द है। इसका उपयोग उस व्यक्ति के लिए किया जाता है, जिन्हें लालच देकर बैंक में खाता खुलवाया जाता है। इस खाते का संचालन जालसाज खुद करता है। इसके तहत चोरी या अवैध रूप से कमाए गए पैसों को इस खाते में स्थानांतरित करते हैं। फिर वहां से दूसरे खाते में भेज कर रुपए निकाल लिए जाते हैं।
एसएसपी के अनुसार गुलरिया थाना क्षेत्र की रहने वाली चार अन्य महिलाएं भी इस तरह के स्कैम का शिकार हो चुकी हैं।सस्ते ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर जालसाजों ने आईसीआईसीआई बैंक में खाता खुलवाया था। जिसका संचालन वह खुद कर रहा था। इन खातों से भी करोड़ों रुपए का ट्रांजेक्‍शन हो चुका है। बंगाल और कर्नाटक पुलिस इन मामलों की जांच कर रही है। 15 दिन पहले ही खाता धारकों को नोटिस भेज कर कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत होने के लिए कहा गया है। जानकारी होने के बाद चारों महिलाएं पुलिस के समक्ष पहुंची थी उनका कहना है कि गांव के ही एक व्यक्ति ने खाते खुलवाए थे और योजनाओं का लाभ दिलाने की बात कही गई थी। हमें इस बारे में कुछ भी पता नहीं कि हमारे खाते में कितने रुपए आए और गए।

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