पांच साल बाद जम्मू कश्मीर में हटा राष्ट्रपति शासन
अब मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे उमर अब्दुल्ला

श्रीनगर/एजेंसी। जम्मू कश्मीर पर विधानसभा चुनावों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राष्ट्रपति शासन को हटा लिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है। शुक्रवार को नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने सरकार ने बनाने का दावा पेश किया था। उन्होंने राजभवन में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से भेंट की थी। इस दौरान उमर अब्दुल्ला ने उनके समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया था। इसमें उन्होंने सहयोगियों दलों से मिली समर्थन की चिटि्ठयां भी सौंपी थीं। उन्होंने 54 विधायकों के समर्थन होने का दावा किया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा है कि जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के संबंध में 31 अक्टूबर, 2019 का आदेश जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 54 के तहत मुख्यमंत्री की नियुक्ति से तुरंत पहले निरस्त माना जाएगा। अब ऐसे में नई सरकार के शपथ ग्रहण का रास्ता साफ हो गया। नई सरकार के 16 अक्तूबर को शपथ लेने की संभावना है। जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनावों के लिए नेशनल कांफ्रेंस ने कांग्रेस के शथ गठबंधन किया था। नेशनल कांफ्रेंस को 90 सदस्यों वाली विधानसभा में 42 और कांग्रेस को छह सीटों पर जीत मिली है।
जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने भी खाता खोला है। पार्टी ने डोडा सीट पर जीत हासिल है। रविवार को डोडा से मेहराज मलिक की जीत पर अरविंद केजरीवाल वहां पर पहुंचे। केजरीवाल ने इस मौके पर उमर अब्दुल्ला से अपील की कि वह आप के विधायक को भी जिम्मेदारी सौंपी। अब्दुल्ला को कुछ निर्दलियों ने सभी समर्थन दिया है।




