चीनी लोन ऐप के लिए दिल्ली से चल रहा था करोड़ों का वसूली रैकेट का सेंटर

नई दिल्ली। चाइनीज लोन ऐप से जुड़े सिंडिकेट के जरिए भारत में चलाए जा रहे करोड़ों रुपये के वसूली रैकेट का आउटर नॉर्थ जिले की साइबर सेल ने पर्दाफाश किया है। पुलिस को 2 चीनी नागरिक के शामिल होने का पता चला है, जो साजिश की अहम कड़ी हैं। साइबर सेल टीम ने 4 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही जबरन वसूली रैकेट में शामिल 149 लोगों को धारा 41.1 (ए) के तहत नोटिस भेजा है। पुलिस ने 153 हार्ड डिस्क, 3 लैपटॉप, 141 कीपैड मोबाइल फोन, 10 एंड्राइड मोबाइल, 4 डीवीआर बरामद किए हैं।डीसीपी बृजेंद्र यादव के मुताबिक, नरेला निवासी पीड़ित हिमांशु गोयल ने शिकायत दी थी। उसने बताया कि फेसबुक पेज पर इंस्टेंट लोन ऐप के माध्यम से 50 हजार तक के लोन का ऐड देखा। पीड़ित ने ऑन स्ट्रीम नाम के ऐप का प्लेस्टोर से डाउनलोड किया। इस ऐप को डाउनलोड करते ही मोबाइल गैलरी, कॉटैक्ट का एक्सेस ले लिया। इसके बाद ऐप की तरफ से केवल 6870 रुपये का लोन दिया। इसके बाद मोबाइल में कॉटैक्ट लिस्ट और गैलरी के फोटो से टॉर्चर करना शुरू कर दिया। आपत्तिजनक कॉल्स, मेसेज और इमेज भेजकर ब्लैकमेल किया। पीड़ित से 1 लाख रुपये वसूल लिए।
द्वारका से ऑपरेट हो रहा था वसूली रैकेट का कॉल सेंटर
इसके बावजूद वे अभी भी पेमेंट के लिए टॉर्चर कर रहे थे। परिवार सदमे में था। इस शिकायत पर केस दर्ज हुआ। साइबर सेल थाने के एसएचओ रमन कुमार सिंह और उनकी टीम ने धमकी भरी कॉल्स की टेक्निकल सर्विलांस से जांच की। कुछ संदिग्धों की लोकेशन रामफल चौक द्वारका के पास ट्रैक की गई। टीम ने द्वारका सेक्टर-7 में एक इमारत की पहली, तीसरी और चौथी मंजिल पर छापा मारा। यह कॉल सेंटर फ्लाई हाई ग्लोबल सर्विसेज एंड टेक्नलॉजी के नाम पर काफी समय से चल रहा था। रेड के दौरान सिंडिकेट की 134 महिला टेली कॉलर, 15 पुरुष कॉलर्स, 3 टीम लीडर का पता चला।
‘डिंग टॉक’ ऐप पर होती थी चीनी नागरिकों से बात
इनमें द्वारका सेक्टर 3 निवासी अनिल कुमार मास्टरमाइंड है। इसने सिलपानी इंटरनैशनल के नाम से एक फर्म बनाकर 300 सिम कार्ड खरीदे थे। इसमें से 100 सिम कार्ड का इस्तेमाल जबरन वसूली और धमकी के लिए थे। इनमें अब तक उनके 200 सिम कार्ड को स्पैम करार दिया गया था। इसके बाद सिम कार्डों का इस्तेमाल बंद कर दिया। जांच में खुलासा हुआ कि ये चीनी लोन ऐप्स फर्म के साथ मिलकर भारत में वसूली कर रहे थे। पुलिस का दावा है, मार्च 2021 से अल्बर्ट और ट्रे नाम के दो चीनी लोगों को वसूली के जरिए 10 करोड़ रुपये मिले। इसमें 3 करोड़ का कमीशन आरोपियों को मिला था। ये आपस में लैग्वेंज ऐप डिंग टॉक के साथ बात करते थे।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में अनिल इस रैकेट का मास्टरमाइंड है। वह एसओएल डीयू से ग्रैजुएट है। वसंत विहार के एक कॉल सेंटर में काम करना शुरू कर दिया और इंस्टिट्यूट फ्लाई हाई कंसल्टेंसी चलाकर अंग्रेजी बोलने का कोर्स भी शुरू किया। इसने इंडिया मार्ट के लिए भी काम किया था। इसी दौरान दोनों चाइनीज अल्बर्ट और ट्रे के संपर्क में आया। वह इनके साथ डिंग टॉक ऐप में बातचीत करता था। इसके बाद करीब 150 लोगों के साथ मिलकर जबरन वसूली का यह रैकेट शुरू किया था। वहीं, आरोपी आलोक शर्मा, अवनीश और कन्नन वसूली रैकेट के टीम लीडर हैं जो कॉल करने वालों को जबरन वसूली कॉल और आपत्तिजनक चैट भेजने के लिए डेटा देते थे। रैकेट में शामिल 134 महिला कर्मचारियों समेत 150 कर्मचारियों को धारा 41.1 ए सीआरपीसी के तहत नोटिस दिया गया है। पुलिस का कहना है, अभी मामले की जांच जारी है।

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