बंद कमरे में आदिवासियों को बनाया जा रहा था ईसाई?

शहडोल,(मध्य प्रदेश)। आदिवासी बाहुल्य शहडोल में धर्मांतरण का एक मामला सामने आया है। जहां आस पास के जिले से आए क्रिश्चयन समुदाय के लोगों द्वारा आदिवासी ग्रामीणों को एक बंद कमरे में धर्मांतरण के लिए मोटिवेट कर रहे थे। पड़ोसियों की शिकायत पर शहडोल पुलिस ने बंद कमरे में दबिश दी, जहां भारी मात्रा में धर्मांतरण संबंधी साहित्य पुस्तकें बरामद की है। साथ ही धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने वाले चार लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।

मामला शहडोल जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के वार्ड नं 18 घरौला मोहल्ले का है। यहां रहने वाली महिला के मकान में 50 से अधिक आदिवासी समुदाय के ग्रामीणों को बंद कमरे में बालाघाट, उमरिया, पाली, सहित आस पास के क्रिश्चयन समाज के लोग धर्मांतरण के लिए प्रेरित कर रहे थे, जिसकी सूचना पड़ोसियों ने शहडोल पुलिस को दी।

मौके पर पहुंची पुलिस ने बंद कमरे में चल रहे धर्मांतरण के खेल को रोक कर भारी मात्रा में धर्मांतरण संबंधी साहित्य पुस्तकें बरामद की हैं। इसके साथ ही 50 से अधिक महिलाओं और बच्चों को उनके चंगुल से मुक्त कराया। धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने वाले 4 लोगो को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार, मोनिका विजय नाम की महिला के घर पर आदिवासी परिवार सहित एकत्र हुए थे। मोनिका का कहना है कि हमारे घर पर लोग इकट्ठे हुए हैं वह हमारे रिश्तेदार हैं हम धर्मांतरण नहीं कराते हैं। वहीं, शहडोल मुख्यालय के डीएसपी राघवेंद्र द्विवेदी का कहना है कि कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है, साथ ही कुछ साहित्य भी जब्‍त किए गए हैं।

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