लड़ाकू-विमानों के पार्ट्स बनाने वाली भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के अफसरों पर केस दर्ज

गाजियाबाद। सीबीआई ने रक्षा मंत्रालय के उपक्रम भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड गाजियाबाद के 6 अधिकारियों समेत 12 के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। इसमें 3 कंस्ट्रक्शन कंपनियां और इनके तीन डायरेक्टर भी आरोपी बनाए गए हैं। आरोप है कि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड अधिकारियों ने रक्षा मंत्रालय की 10 साइटों पर 1575 करोड़ रुपए के ठेके मनमाने तरीके से दिए और इन कंपनियों को लाभ पहुंचाया। सीबीआई इंस्पेक्टर अमित कुमार ने दिल्ली ब्रांच में ये एफआईआर सात दिसंबर 2022 को दर्ज कराई है, जिसमें कुल 12 आरोपियों पर आईपीसी सेक्शन- 420, 120बी और आईपीसी एक्ट की धारा 13(2), 13(1)(D) लगाई गई है। दरअसल, रक्षा मंत्रालय में उपसचिव गोकुल नागरकोटी के लेटर पर पिछले साल एक जांच प्रारंभ हुई थी, जिसके बाद CBI ने अब नामजद एफआईआर की है।
सीबीआई की जांच में ये बात भी सामने आई कि जिन 10 साइटों पर सिविल कंस्ट्रक्शन का ठेका मिला था, उनमें से दो साइटों पर जून-2017 में जमीन धंसने की घटनाएं सामने आईं। एक जगह साइड की दीवार गिर गई तो दूसरी जगह साइड की दीवारें मिट्टी के कारण ढह गईं। CBI ने माना कि ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि SOP तैयार करते वक्त डिजाइन सलाहकार परिस्थतियों से अवगत नहीं थे। डिजाइन सलाहकार के साथ एग्रीमेंट के अनुसार RD कंसल्टेंट को महीने में एक बार साइट का दौरा करना था, जो नहीं हुआ।
निर्माण कार्यों में हुई इस गड़बड़ी के लिए सीबीआई ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड गाजियाबाद के मैनेजर (इन्फ्रा) मनीष गोयल को जिम्मेदार ठहराया है। इस पद पर नौकरी के लिए 10-12 साल का अनुभव चाहिए, लेकिन मनीष गोयल पर जॉइनिंग के वक्त ये अनुभव नहीं था। आरोप है कि उन्होंने नौकरी पाते वक्त आवेदन पत्र में ऐप्रैंटिस टेन्योर के तथ्यों को छिपाकर गलत जानकारी दर्ज की। इसके अलावा मनीष गोयल ने वेंडरों द्वारा जमा किए जा रहे बिल का 10 फीसदी सत्यापन भी नहीं किया।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय का उपक्रम है। ये गाजियाबाद के साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया स्थित है। यहां पर लड़ाकू विमानों के पार्ट तैयार किए जाते हैं। सुरक्षा की दृष्टि से यह स्थान अति महत्वपूर्ण है। भारत में बनने वाले भारतीय वायुसेना के सी-295 विमान स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर प्रणाली से लैस होंगे। ये प्रणाली भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड विकसित करेगी।
बनाए गए आरोपी
- सुनील कुमार शर्मा, GM नेटवर्क सेंटरिंग सिस्टम, BEL गाजियाबाद
- आरके हांडा, GM नेटवर्क सेंटरिंग सिस्टम, BEL गाजियाबाद
- एसएस चौधरी, सीनियर DGM मार्केटिंग, BEL गाजियाबाद
- गुरजीत सिंह, सीनियर DGM सीएस, BEL गाजियाबाद
- बीपी पाहुजा, GM ईएस, BEL बंगलुरु
- मनीष गोयल, DGM इन्फ्रा, BEL गाजियाबाद
- सुरेश कुमार आनंद, पार्टनर RD कंस्लटेंट
- सुधीर कुमार मारवाह, डायरेक्टर SR अशोक एंड एसोसिएट, दिल्ली
- राहुल भूचर, डायरेक्टर CS कंस्ट्रक्शन, नई दिल्ली
- मैसर्स RD कंस्लटेंट, वसंतकुंज नई दिल्ली
- मैसर्स SR अशोक एंड एसोसिएट, दिल्ली
- मैसर्स CS कंस्ट्रक्शन, वसंत कुंज दिल्ली




