बांस के खंभों से नाले को ‘सुरक्षित’ करने का नाटक! गाजियाबाद नगर निगम की दिखावटी कार्रवाई

गाजियाबाद ब्यूरो। नगर निगम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह शहर की समस्याओं का पक्का समाधान ढूंढने के बजाय दिखावे पर ज्यादा भरोसा करता है। अखबारों में 23 जनवरी को राज नगर आरडीसी में खुले नाले की छपी तस्वीर पर संज्ञान लेते हुए नगर निगम ने तेजी से कार्रवाई की। खबर छपते ही निगम हरकत में आया और नाले के पास कुछ बांस के खंभे लगा दिए। अब सवाल यह है कि क्या ये पतले खंभे तेज़ रफ्तार कार, मोटरसाइकिल या भारी गाड़ी को रोक पाएंगे? अगर बांस के खंभे ही समाधान होते, तो सड़क सुरक्षा के लिए बैरियर, रेलिंग और दीवारों की क्या जरूरत होती?
यह सोचना मुश्किल नहीं है कि ये खंभे बारिश, तेज़ हवा या हल्की सी टक्कर से भी आसानी से गिर सकते हैं। निगम इसे सुरक्षा उपाय मानता है, जबकि आम नागरिक इसे हादसों का खुला न्योता समझते हैं। आरडीसी में इस नाले के पास से रोज़ाना सैकड़ों गाड़ियां गुज़रती हैं, स्कूली बच्चे इसी रास्ते से आते-जाते हैं, और पैदल चलने वाले लोग जान जोखिम में डालकर गुजरते हैं।
नगर निगम की यह दिखावटी कार्रवाई साफ करती है कि असली मकसद समस्या को हल करना नहीं, बल्कि सिर्फ अखबारों की रिपोर्ट पर जवाब देना है। अगर शहर की सुरक्षा के उपाय बांस के खंभों पर ही निर्भर रहेंगे, तो हादसों की खबरें भी निगम की खानापूर्ति वाली कार्रवाई की तरह ही आम हो जाएंगी।




