संजौली मस्जिद पर चलेगा बुलडोजर! हिंदू संगठनों की भूख हड़ताल खत्म

शिमला/एजेंसी। हिमाचल प्रदेश के शिमला में स्थित संजौली मस्जिद में नमाज पढ़ने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। कोर्ट द्वारा अवैध घोषित की गई मस्जिद में धार्मिक गतिविधि का हिंदू संगठनों ने विरोध जताया था। इतना ही नहीं संजौली मस्जिद में नमाज को लेकर हिंदू संगठन के प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। इसके बाद यह मामला एक फिर से गरमा गया था। हिंदू संगठनों की उत्तर प्रदेश ईकाई ने सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने भी इस मामले को उठाया था। उधर, जब हिंदू संघर्ष समिति के बैनर तले दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने हिंदुओं से एक खास समुदाय के सदस्यों द्वारा बेची या दी जाने वाली चीजों और सेवाओं का बहिष्कार करने की अपील कर दी। इस पूरे घटनाक्रम के अब प्रशासन ने वादा किया है 29 नवंबर को संयुक्त बैठक के बाद मस्जिद के खिलाफ एक्शन होगा।
कोर्ट ने संजौली मस्जिद को अवैध घोषित किया है। कोर्ट के फैसले के बाद अब मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन होना है। शिमला में यह मस्जिद संजौली पुलिस स्टेशन से कुछ दूरी पर है। देव भूमि संघर्ष समिति के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी थाने के बाद तब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। जब कथित पर मस्जिद में नमाज की बात कही गई थी, हालांकि जांच में मस्जिद का मुख्य एंट्री गेट बाहर से बंद पाया गया था। बताया जाता है कि कुछ लोग बगल के रास्ते से इमारत में घुस गए। जिससे कुछ कार्यकर्ताओं ने वहां खड़े पुलिस कर्मियों के सामने अपना विरोध दर्ज कराया। मस्जिद के मौलवी मौलाना शहज़ाद आलम ने सफाई दी थी कि कोई भी नमाज़ पढ़ने नहीं आया। जो भी आना चाहता था, उसे दूसरी मस्जिद में नमाज़ पढ़ने के लिए कहा गया। मैं इससे ज़्यादा कुछ नहीं कह सकता। यह जमीन स्टेट वक्फ बोर्ड की है। मैं यहां सैलरी वाला एम्प्लॉई हूं।
भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारियों में से एक विकास थाप्ता ने कहा कि एक स्थानीय ने वीडियो बनाया जिसमें लोग मेन गेट पर खड़ी पुलिस को चकमा देकर मस्जिद में घुस रहे थे। जब किसी स्ट्रक्चर को पहले ही गैर-कानूनी घोषित कर दिया गया है, तो वहां धार्मिक काम करने का क्या मतलब है? हमने अभी के लिए अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म कर दी है, क्योंकि एडमिनिस्ट्रेशन ने हमें भरोसा दिलाया है कि 29 नवंबर को हमारी मांगों पर बात की जाएगी। प्रशासन ने नियम और कानून के हिसाब से कार्रवाई करने की बात कही है। तो वहीं दूसरी तरफ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारी मदन ठाकुर को लो ब्लड प्रेशर की वजह से इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल ले जाया गया।

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