गाजियाबाद के पुलिस थानों में फरियादियों को बेवजह नहीं राेका जा सकेगा, 24 घंटे निगरानी के लिए बनाया गया सिस्टम
जोनल डीसीपी कार्यालय से की जाएगी थानों की मॉनीटरिंग

गाजियाबाद। कमिश्नरेट के पुलिस थानों की निगरानी अब कंट्रोल रूम के जरिये सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड से होगी। कमिश्नरेट के सिटी जोन, ट्रांस हिंडन जोन एवं देहात जाने में संबंधित डीसीपी कार्यालय में कमांड एंड कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।
थानों में बिना वजह मुंशी के पास किसी को बैठाए रखने, हवालात में अनावश्यक किसी को रखने और थानों में आए लोगों के साथ व्यवहार पर कैमरों के जरिये निगरानी रखी जाएगी। पुलिस थाना कार्यालय में मंंशी के पास अक्सर ऐसे लोगों को बैठाया जाता है जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया होता और हवालात में भी नहीं रखना होता।
कई बार पुलिस दबाव बनाने के लिए लोगों को कार्यालय में बैठा देती है। इसी तरह बिना लिखा-पढ़ी हवालात में भी लोगों को डालकर रखा जाता है। बीते दिनों ही मधुबन बापूधाम थाने में एक मीडियाकर्मी ने दारोगा पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। आने वाले दिनों में ऐसी शिकायतों की जांच के लिए पुलिस अधिकारियों के पास कैमरों की फुटेज होगी। जनपद के सभी थानों की हवालात, कार्यालय और थाना परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की फुटेज संबंधित थाने के जोनल डीसीपी कार्यालय में बनाए गए कमांड एंड कंट्रोल रूम में होगी।
24 घंटे की निगरानी के लिए तीन-तीन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई हैं। पुलिसकर्मी थाने में हो रही गतिविधि पर निगाह रखेंगे और कोई भी गड़बड़ी पाए जाने पर सीधे डीसीपी की जानकारी में मामला डालेंगे। पुलिस की एसीपी कोर्ट में भी कैमरे लगाए गए हैं। इससे एसीपी कोर्ट में पेशी पर आए लोगों का उत्पीड़न भी रूकेगा। पूर्व में ऐसे मामले भी सामने आए थे जिनमें एसीपी कोर्ट में पुलिसकर्मी ने लोगों से रुपये वसूले।
पुलिस आयुक्त की फीडबैक सेल ने एक महीने में 27 हजार लोगों से बात की। उनसे पासपोर्ट, किराएदार, चरित्र प्रमाण पत्र के लिए वेरिफिकेशन करने आए पुलिसकर्मी का व्यवहार और रुपये लेने संबंधी प्रश्न पूछे। 14 फीडबैक नकारात्मक पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है।



