मंदिर में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक है… मुजफ्फरनगर में लगे होर्डिंग्स, ड्रेस को लेकर भी जारी हुए ‘निर्देश’

मुजफ्फरनगर,(उत्तर प्रदेश)। मुजफ्फरनगर मंदिरों में गैर-सनातनियों के प्रवेश को प्रतिबंध कर दिया गया है। गैर-सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने के फ्लैक्स और होर्डिंग्स शहर के मंदिरों में लगवाए हैं, जिन पर श्रद्धालुओं के लिए यह भी निर्देशित किया गया है कि वे अमर्यादित वस्त्र पहनकर मंदिर में प्रवेश न करें। दरअसल, मुजफ्फरनगर में कुछ दिन पहले नई मंडी बालाजी मंदिर कमेटी ने नोटिस लगाकर श्रद्धालुओं को मर्यादित वेशभूषा में ही मंदिर में प्रवेश के निर्देश दिए थे।
इसके बाद मीडिया में मंदिर प्रवेश के लिए ड्रेस कोड तय करने पर चर्चा का दौर चल पड़ा था। हालांकि मंदिर कमिटी ने साफ किया था कि उनका आशय मंदिर की मर्यादा को बनाए रखते हुए धर्म और संस्कृति की विरासत को कायम रखना है। मामले के 3 दिन बाद ही समाजसेवी राजेश गोयल की ओर से शहर के मंदिरों में नई पहल कर दी गई। नगर और देहात के कई मंदिरों में इस तरह के फ्लैक्स लगाए गए हैं। इस पर गैर सनातनियों के मंदिर प्रवेश पर प्रतिबंध के निर्देश अंकित किए गए हैं।
राजेश गोयल कहते हैं कि उनका प्रयास धर्म की मर्यादा कायम रखना है। वह सवाल उठाते हैं कि अगर कोई गैर सनातनी मंदिर में प्रवेश करता है तो उसका कारण क्या है? उन्होंने कहा कि सनातन धर्म वाला व्यक्ति ही मंदिर में पूजा के लिए प्रवेश करे। उन्होंने बताया कि शहर के मंदिरों में उनकी ओर से लगवाए जा रहे फ्लैक्स पर मंदिर के भीतर फोटो आदि न खींचने के लिए भी निर्देशित किया गया है। इसके अलावा मंदिर परिसर के आसपास शराब-गुटखा आदि का सेवन न करने की भी हिदायत फ्लैक्स पर अंकित कराई गई है। साथ ही अमर्यादित वस्त्र पहनकर मंदिर में प्रवेश न करने की हिदायत भी यहां दी गई है।
राजेश गोयल ने बताया कि उनकी और से इस तरह के दिशानिर्देश वाले फ्लैक्स नई मंडी बालाजी धाम मंदिर, नई मंडी स्थित माता का मंदिर, बालाजी मंदिर के सामने, भोपा रोड स्थित दीन दयाल वाली राजवाहा रोड सालावार मंदिर गांधी कालोनी स्थित माता लक्ष्मी नारायण मंदिर आदि पर लगवाए गए हैं।




