हाथरस में र्म परिवर्तन के शक में पंचायत ने पति-पत्नी को पहनाई जूतों की माला, किया सामाजिक बहिष्कार

हाथरस में धर्म परिवर्तन के शक में पति पत्नी को पंचायत में मौजूद लोगों ने जूतों की माला पहनाई। पंचायत का फरमान दोनों का सामाजिक और परिवारिक बहिष्कार किया जाए। घटना का जुड़ा वीडियो सामने आया।
हाथरस/उत्तर प्रदेश। हाथरस जिले के एक गांव में धर्म परिवर्तन के शक में भरी पंचायत में एक व्यक्ति और उसकी पत्नी को परिवार के लोगों ने गले में जूते की माला पहनाई। यह घटना एक पंचायत के दौरान हुई, जहां पिता और भाई ने मिलकर उन्हें जूते की माला पहनाई और उनके पारिवारिक व सामाजिक बहिष्कार की घोषणा कर दी। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पंचायत में मौजूद लोगों की मौजूदगी में बलराम और उसकी पत्नी के गले में जूतों की माला पहनाई गई। वहीं इलाका पुलिस ने इस घटना की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला मुरसान कोतवाली क्षेत्र के गांव गारव गढ़ी का है, जहां गांव के ही निवासी एक व्यक्ति बलराम अपनी पत्नी और बच्चे के साथ आगरा में रहता था। वह झूला चलाने का काम करता था। होली के त्यौहार पर वह अपने गांव आया हुआ था। गांव आने के बाद उसने राम-राम कहना और प्रसाद आदि खाना छोड़ दिया था, जिससे परिवार के अन्य सदस्यों को उस पर शक हुआ तो उन्होंने से बलराम से पूछताछ की, लेकिन बलराम ने इस बात को लेकर अपने पिता और भाई से मारपीट कर झगड़ा कर लिया।
20 अप्रैल दिन सोमवार को बलराम के पिता शिवराज और भाई ने आरोप लगाया कि उनके बेटे बलराम ने ईसाई धर्म परिवर्तन कर लिया है। इस को लेकर गांव के बंजारा समाज द्वारा पंचायत बुलाई गई। पंचायत में बलराम को धर्म परिवर्तन का आरोपी मानते हुए उसका सामाजिक और परिवारिक बहिष्कार कर दिया। इस दौरान बलराम की पत्नी मीना जब पति के पक्ष में आई तो परिवार के लोगों ने बलराम और उसकी पत्नी को जूतों की माला पहना दी। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
इस पूरे मामले में सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि 20 अप्रैल को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के आधार पर थाना प्रभारी मुरसान और मेरे द्वारा निरीक्षण किया गया। इस दौरान यह तथ्य सामने आया कि पिता पुत्र में सामाजिक और परिवारिक विवाद के कारण पिता और छोटे भाई द्वारा इस तरह का कृत किया गया है। इस मामले में समुचित कार्रवाई की जा रही है।




