हादसा या साजिश! द महानगरी टाईम्स के पत्रकार की दुर्घटना में मौत, मामले ने पकड़ा तूल

कांती जाधव,(मुंबई ब्यूरो)। पत्रकार शशिकांत वारिशे की दुर्घटना में मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। दरअसल ऐसा इसलिए क्योंकि सुबह जिसके खिलाफ रिपोर्ट लिखी, दोपहर को उसी की गाड़ी की टक्कर से पत्रकार की मौत हो गई।घटना महाराष्ट्र के रत्नागिरि जिले के राजापुर कोदवली की है। सोमवार दोपहर 1 बज कर 15 मिनट पर राजापुर कोदवली के पास पेट्रोल पंप के सामने तेजी से आती हुई महिंद्रा थार गाड़ी से पत्रकार की स्कूटी को टक्कर मार दी, जिसमें पत्रकार बुरी तरह जख्मी हो गए। इलाज के लिए उन्हें कोल्हापुर के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान मंगलवार को उनकी मौत हो गई।पत्रकार शशिकांत वारीशे की उम्र 48 साल थी और वह मराठी अखबार ‘महानगरी टाइम्स’ में कार्यरत थे। पत्रकार शशिकांत ने अपने अखबार में 6 फरवरी की सुबह जमीन के कारोबार से जुड़े पंढरीनाथ आंबेरकर के खिलाफ खबर प्रकाशित की थी।

आरोप है कि इसी से नाराज होकर पंढरीनाथ ने अपनी जीप से शशिकांत की स्कूटी को टक्कर मार दी। हालांकि, पुलिस ने अभी मामले में हत्या का नहीं बल्कि गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी पंढरीनाथ आंबेरकर को गिरफ्तार कर लिया है। मंत्रालय अनि विधिमंडल वार्ताहर संघ (एमएवीवीएस) और मुंबई मराठी पत्रकार संघ (एमएमपीएस) ने पत्रकार वारिशे की मौत पर शोक भी जताया और घटना की जांच की मांग की है।

पत्रकार वारीशे ने रत्नागिरि रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड से जुड़ी खबरों को कवर कर रहे थे और कुछ दिनों पहले ही रत्नागिरी रिफाइनरी परियोजना पर खुलासा किया था। शशिकांत वारिशे रिफाइनरी परियोजना के खिलाफ खड़े होने वाले लोगों में से एक थे। वहीं, पंढरीनाथ रिफाइनरी समर्थक है। आरोपी पंढरीनाथ के खिलाफ कुछ एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें उन पर आरोप है कि वे रत्नागिरि के रिफाइनरी प्रोजेक्ट का विरोध करने वाले आंदोलनकारियों को धमकाते हैं और रिफाइनरी के समर्थन में आने का निर्देश देते हैं। उन्हीं पर पत्रकार ने मराठी अखबार ‘महानगरी टाइम्स’ में एक खबर लिखी थी, जिसका शीर्षक था- ‘पीएम, सीएम और डिप्टी सीएम के बैनर पर गंभीर गुनाह के आरोपी की तस्वीर’

वहीं, कोंकण रिफाइनरी विरोधी संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक वालम ने भी आरोप लगाया है कि पत्रकार वारिशे की हत्या कोई हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी। वालम ने मामले की गहन जांच और कड़ी कार्रवाई की भी मांग की है।पंढरीनाथ आंबेरकर को पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया है और उसे 7 दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button