आगरा में पकड़ा गया 1600 किलो नकली देसी घी, नवरात्र में थी खपाने की तैयारी, फैक्ट्री मालिक गिरफ्तार

1600 kg fake desi ghee caught in Agra, was being prepared to be sold during Navratri, factory owner arrested

आगरा/उत्तर प्रदेश। ताजनगरी आगरा में एसओजी और एफएसडीए ने छापा मारकर रिफाइंड और वनस्पति से तैयार होने वाले नकली देशी घी के बड़े काले कारोबार का भंडाफोड़ किया है। मौके से टीम को कई ब्रांड के देसी घी के टिन बरामद हुए हैं। इनमें 1600 किलो मिलावटी देसी घी मिला है। इसे मिलावटखोर नवरात्र में खपाने के प्रयास में लगे हुए थे। मौके पर फैक्ट्री मालिक आरोपी दिनेश चंद गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।शनिवार रात को पुलिस और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने थाना छत्ता के पंजा मदरसा स्थित गोदाम में छापा मारा। यहां नामी कंपनियों के नाम से भारी मात्रा में मिलावटी घी मिला। टीम को जांच में पारस ब्रांड घी के 8 टिन, कृष्णा ब्रांड घी के 24 टिन, बिना ब्रांड के घी के तैयार 50 टिन, जेमिनी वनस्पति के 12 टिन, विभोर वनस्पति के 6 टिन, खराब हो चुके घी के 5 टिन और एक कंटेनर में तैयार 30 किलो घी मिला।
इन नामी कंपनियों के घी में रिफाइंड सोयाबीन तेल और वनस्पति घी की मिलावट कर पैकिंग की जा रही थी। 105 टिन में 1575 किलोग्राम मिलावटी घी बरामद किया गया है। इसके साथ खुला मिलावटी 30 किलोग्राम घी भी जब्त किया गया। रिफाइंड, वनस्पति तेल और मिलावटी घी के पांच नमूने लेकर लैब में जांच के लिए भेज दिए हैं। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय शशांक त्रिपाठी बताया कि मिलावट माफिया देसी घी में आधी मात्रा रिफाइंड और वनस्पति मिलाता था। इसको 600 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचा जाता था। इसकी लागत करीब 300 रुपये पड़ती थी। इस मिलावटी घी को नवरात्र के त्योहार पर बाजार में खपाया जाना था।
पहले भी पकड़ा जा चुका है नकली घी
बता दें कि इससे पहले 2 जनवरी को भी शमसाबाद रोड पर पुलिस ने नकली घी बनाने की फैक्ट्री पकड़ी थी। इसके अलावा विजय नगर कॉलोनी में मिलावटी घी के कारोबार का भंडाफोड़ हुआ था। इसके अलावा कई बार यमुना पार क्षेत्र में भी मिलावटी घी बनाने के कारखाने पकड़े गए थे।

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