ड्रोन से मंगवाए हाथियार, राइसिन जहर बनाने वाले डॉक्टर का पाकिस्तान कनेक्शन उजागर

गुजरात। गुजरात एटीएस ने हैदराबाद के डॉ. अहमद सईद समेत तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया था। इन सभी पर भारत में रहकर देश के ही खिलाफ आतंकी साजिश रचने का आरोप है। इनमें सबसे खतरनाक साजिश डॉ. सईद की थी, जो मंदिर के प्रसाद और पानी में जहर मिलाकर लाखों लोगों को एक-साथ मारने की तैयारी कर रहा था। डॉ. अहमद सईद ने इसके लिए राइसिन नामक जहर बना रहा था। वहीं, अब उसके तार सरहद पार से मिले हैं। गुजरात एटीएस की जांच में पता चला है कि डॉ.सईद समेत तीनों संदिग्ध पाकिस्तान के आतंकी संगठन आईएसकेपी (इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरासान प्रोविंस) से जुड़े थे।
डॉ. अहमद सईद, आजाद शेख और मोहम्मद सलीम खान आईएसकेपी के लिए लंबे समय से भारत में सक्रिए थे। वो अरंडी के तेल (अरंडी का तेल) की मदद से जानलेवा जहर बना रहे थे। इस जहर को खाने-पीने की चीजों में और गैस के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
डॉक्टर सईद अपने 6 भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। सईद ने अपने परिवार वालों को काफी समय से अंधेरे में रखा था। एमबीबीएस करने के बाद उन्होंने सभी को बताया था कि वो गुजरात में व्यापार करता है। मगर, व्यापार की आड़ में वो लाखों देशवासियों के खिलाफ साजिश रच रहा था। गुजरात एटीएस की जांच में सामने आया है कि डॉ. सईद पिछले काफी समय से आईएसकेपी के हैंडलर अबू खलीजा से फोन पर बात कर रहा था। उसने पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए राजस्थान की सीमा पर 3 पिस्तौल और 30 कारतूस मंगवाई थी। गुजरात एटीएस को इन्हीं हथियारों की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर पुलिस डॉ. सईद तक पहुंच गई।
डॉ. सईद हथियार लेकर लौट रहा था, तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की कड़ी पूछताछ में डॉ. सईद ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। बता दें कि इससे पहले जर्मनी में राइसिन जहर का इस्तेमाल करके लाखों लोगों को मारने की साजिश रची गई थी, जिसे नाकाम कर दिया गया था।

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