कानपुर में दारोगा ने हाफिज को मारा थप्पड़, विरोध में उतरा मुस्लिम समुदाय, दुकानें बंद कर किया विरोध

कानपुर,(उत्तर प्रदेश)। यूपी के कानपुर में पुलिस के गलत व्यवहार से शहर का माहौल बिगड़ने से बच गया। बुधवार को एक दारोगा ने हाफिज (कारी) के साथ मारपीट कर दी। हाफिज पर थप्पड़ों की बरसात कर दी। पुलिस हाफिज को पीटकर थाने ले गई। इस घटना के बाद शहर का माहौल अचानक गरम हो गए। मुस्लिम समुदाय के लोग विरोध में उतर आए और थाने पहुंच गए। उन्होंने दुकाने बंद करके विरोध करना शुरू कर दिया। आलाधिकारियों ने फौरन मामले को संज्ञान में लेते हुए आक्रोशित लोगों को शांत कराया।
बेकनगंज थाने में तैनात दारोगा ने हाफिज के साथ बदसलूकी करते हुए मारपीट की। पीड़ित सिराज ने बताया कि मैं पढ़ाकर वापस लौटा था। सबकी बाइक रोड पर खड़ी हुई थी। मेरी भी गाड़ी रोड पर खड़ी थी। भीड़भाड़ के बीच गाली-गलौज हो रही थी। मैंने अपने मिलने वाले चांद भाई से पूछा कि यह क्या हो रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस कर्मी आए हैं और रास्ते में खड़ी गाड़ियों को हटवा रहे हैं। मेरी गाड़ी का चालान काट दिया। पुलिस ने मेरी बाइक को लात मारकर गिरा दिया, जिसकी वजह बाइक डैमेज हो गई। जैसे ही मैंने बाइक को उठाने की कोशिश की तो मुझे पीटने लगे। इसके बाद गाली-गलौज करते हुए थाने ले गए। इनके साथ एसएचओ भी थे। यदि न्याय कायम करने वाले ही गुंडागर्दी करेंगे तो आवाम कहां जाएगी। मेरी मांग है कि इनको सस्पेंड किया जाए।
सभी से शांति की अपील की गई है- डीसीपी सेंट्रल
डीसीपी सेंट्रल प्रमोद कुमार के मुताबिक, बेकनगंज थाने का एक मामला प्रकाश में आया था, जिसमें पुलिस पर आरोप लगे थे कि बाजार की तरफ मारपीट की गई है। जब मैंने जांच की तो पता चला कि ट्रैफिक को लेकर कुछ विवाद हुआ था। यह गंभीर आरोप है। चौराहे पर किसी को मारने पीटने का अधिकार नहीं है। यदि वाहन खड़े थे तो चालान करना चाहिए था। इस मामले को संज्ञान में लिया गया है। इसमें कठोर कार्रवाई की जाएगी। समुदाय के सभी गणमान्य लोग आए थे। पीड़ित पक्ष से भी बात की गई है। इसके साथ ही सभी से शांति की अपील की गई है। हमने अपने सीनियर अधिकारी को इस घटना से अवगत कराया है।




