भारत में पहली डिजिटल जनगणना शुरू, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और पीएम मोदी ने स्व-गणना में लिया भाग

नई दिल्ली/एजेंसी। भारत की पहली डिजिटल जनगणना बुधवार को शुरू हो गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के जनगणना इतिहास में पहली बार शुरू हुई स्व-गणना में भाग लिया। यह जनगणना राष्ट्रीय राजधानी और सात अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हुई, जिसमें नागरिकों को एक विशेष वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दाखिल करने का विकल्प दिया गया है। देश की पहली नागरिक द्रौपदी मुर्मु ने स्व-गणना पोर्टल पर अपनी जानकारी भरी। उन्होंने राष्ट्रपति भवन में गृह सचिव गोविंद मोहन, महापंजीयक और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण और उप महानिदेशक (जनगणना योजना) बिस्वजीत दास की उपस्थिति में अपने सभी विवरण दर्ज किए।
प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों की उपस्थिति में स्वयं जनगणना का विवरण भरा। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘मैंने अपनी स्व-गणना पूरी कर ली है। आज से जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू हो रहा है।’ पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘यह जनगणना पहली बार डिजिटल माध्यम से डाटा संकलन के जरिये की जा रही है। इससे देश के लोगों को अपने परिवार का विवरण स्वयं भरने का विकल्प मिला है। मैं देश के लोगों से अपील करता हूं कि वे अपने परिवार का विवरण स्वयं भरें और जनगणना प्रक्रिया में भाग लें।’
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और गृह मंत्री अमित शाह ने भी खुद ही ऑनलाइन जनगणना प्रपत्र भरा। शाह ने एक्स पर लिखा, ‘जनगणना के पहले चरण के तहत आज से शुरू हो रही हाउस लिस्टिंग प्रक्रिया के अंतर्गत मैंने स्व-गणना प्रपत्र भरा है। यह प्रक्रिया भारत के विकास पथ को गति देने और यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी कि सरकारी योजनाएं प्रत्येक नागरिक तक प्रभावी ढंग से पहुंचें।’
जनगणना 2027 बुधवार को आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हुई। इनमें राष्ट्रीय राजधानी के एनडीएमसी और दिल्ली कैंट क्षेत्र भी शामिल हैं। 15 दिनों की स्व-गणना विंडो खोली गई है, जिसमें नागरिकों के पास डिजिटल रूप से अपनी जानकारी दाखिल करने का विकल्प होगा।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गोवा, कर्नाटक, सिक्किम, ओडिशा, लक्षद्वीप, मिजोरम और राष्ट्रीय राजधानी के एनडीएमसी और कैंटोनमेंट बोर्ड के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों के लिए स्व-गणना हेतु एक विशेष पोर्टल खोला गया है।
इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आवास गणना के तहत सभी भवनों और आवासीय इकाइयों के लिए घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करने का अभियान 16 अप्रैल से शुरू होगा।
दिल्ली में स्व-गणना 15 दिन के दो चरणों में होगी-एनडीएमसी और दिल्ली छावनी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में 1 से 15 अप्रैल तक और एमसीडी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में 1 से 15 मई तक। घर-घर जाकर गृह सूचीकरण अभियान एनडीएमसी और दिल्ली छावनी में 16 अप्रैल से 15 मई तक और एमसीडी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में 16 मई से 15 जून तक चलेगा।

राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने जनगणना 2027 के लिए स्वयं-गणना पहल  में भाग लिया

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