जेल में बंद निलंबित आईएएस विनय चौबे पर एसीबी ने दर्ज किया नया केस, पत्नी समेत सात परिजन आरोपी

रांची/एजेंसी। झारखंड की जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे और उनके सात परिजनों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का नया मामला दर्ज किया गया है। यह एफआईआर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने दर्ज की है। एसीबी ने अपनी प्राथमिकी में विनय कुमार चौबे के अलावा उनके सात परिजनों और सहयोगियों को आरोपी बनाया है। विनय चौबे की गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने मई माह में इन सभी के खिलाफ प्रारंभिक जांच दर्ज की थी।
विनय कुमार चौबे के साथ एसपी ने सात लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। आरोपियों ने चौबे की पत्नी स्वपना संचिता, ससुर सत्येंद्रनाथ त्रिवेदी, साला शिपिज त्रिवेदी, साले की पत्नी प्रियंका त्रिवेदी, नेक्सजेन के संचालक और चौबे के खास सहयोगी विनय कुमार सिंह, और स्निग्धा सिंह (विनय सिंह की पत्नी) शामिल हैं।
छह माह तक चली जांच के बाद मिले तथ्यों के आधार पर इन सभी को पीसी एक्ट और बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की संबंधित धाराओं के तहत अभियुक्त बनाया गया है। एसीबी की जांच में विनय कुमार चौबे के पूरे सेवाकाल के आय-व्यय की जानकारी खंगाली गई। इसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। चौबे ने पूरे सेवाकाल में 2.20 करोड़ की कमाई की। जबकि उनके नियंत्रण वाले खातों में 3.47 करोड़ आए। यह उनकी कुल वैध आय से 53 प्रतिशत अधिक है।
जांच में यह भी पाया गया कि उन्होंने अपनी आय का एक तिहाई भी खर्च नहीं किया, और उनका घरेलू खर्च न के बराबर रहा। जांच में पता चला कि चौबे ने भ्रष्टाचार से हुई आय का निवेश अपने सहयोगी विनय सिंह की कंपनियों में किया, और फिर पत्नी के खाते में विनय सिंह से पैसे भी लिए। एफआईआर दर्ज होने के बाद, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने विनय कुमार चौबे को दो दिनों की रिमांड पर लिया है। विनय चौबे फिलहाल हजारीबाग वन भूमि और खासमहल जमीन घोटाला मामले में जेल में बंद हैं। एसीबी अधिकारी मंगलवार (आज) से उनसे आय से अधिक संपत्ति मामले में पूछताछ शुरू करेंगे। सोमवार की शाम एसीबी उन्हें हजारीबाग जेल से रांची लेकर पहुंची थी।





