गर्भवती महिला को डोली में 5 किलोमीटर बिठाकर पहुंचाया अस्पताल

चंपावत,(उत्तराखंड)। चंपावत जिले में स्थित एक दूरस्थ गांव तक के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के बाद भी आज तक गांव को जोड़ने के लिए सड़क नहीं बन पाई है। हालात ऐसे हैं कि मजबूरन ग्रामीणों ने लगभग पांच किलोमीटर पैदल चलकर डोली के सहारे गर्भवती महिला और बच्चे को अस्पताल पहुंचाया।
राज्य के मुख्यमंत्री पुस्कर सिंह धामी के चंपावत से विधायक चुने जाने के बाद से अब तक उन्होंने अपनी विधानसभा क्षेत्र में कई बार भ्रमण किया है। लेकिन उनकी दूर दृष्टि से संभवतया जिले का बाराकोट ब्लॉक का दूरस्थ सील गांव छूट गया है। वहीं मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद भी गांव सड़क मार्ग से जुड़ नहीं पाया।
इस वजह से रविवार को ग्रामीणों ने एक गर्भवती महिला को उसके बच्चे के साथ अस्पताल ले जाने के लिए डोली का सहारा लेकर लगभग पांच किलोमीटर पैदल दुर्गम रास्तों और खड़ी चढ़ाई को पार करने के लिए मजबूर होना पड़ गया। जिसमें स्कूली बच्चों और बुजुर्ग ग्रामीणों ने डोली को अपने कंधों पर लादा।
गांव के समाजसेवी रमेश सिंह ने बताया कि शनिवार रात लगभग ढाई बजे गर्भवती महिला मनीषा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर गांव की आशा कार्यकर्ती निर्मला ने साथी महिलाओं के सहयोग से प्रसव कराया। और रविवार को महिला और बच्चे को लोहाघाट स्थित अस्पताल पहुंचाने के लिए डोली का सहारा लेकर लगभग पांच किलोमीटर पैदल चलकर सड़क मार्ग तक लाकर वाहन की मदद से अस्पताल पहुंचाया।
रमेश सिंह ने बताया कि सड़क मार्ग न होने के कारण आज भी ग्रामीणों को आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए और स्कूली बच्चों को जंगल वाले दुर्गम पैदल रास्तों पर चलकर स्कूल जाने के लिए विवश होना पड़ रहा है। जबकि मरीजों को डोली के सहारे अस्पताल भिजवाना पड़ता है। इसके चलते कई ग्रामीण गांव से पलायन कर चुके हैं और अन्य ग्रामीण भी लगातार पलायन करने को विवश हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button