बाबा बागेश्वर पर ट्रैफिक पुलिस ने लगाया 1000 का जुर्माना

पटना,(एजेंसी)। पटना ट्रैफिक पुलिस ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ शहर की अपनी हालिया 4 दिवसीय यात्रा के दौरान नियमों का उल्लंघन करने के लिए चालान जारी किया है। डीएसपी पटना ट्रैफिक पुलिस ने पुष्टि की कि बिना सीट बेल्ट के गाड़ी में चलने पर स्वयंभू संत का 1000 रुपये का चालान काटा गया है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और भाजपा सांसद मनोज तिवारी को 13 मई को पटना हवाई अड्डे से पनाश होटल जाते समय मध्य प्रदेश पंजीकरण प्लेट के साथ एक एसयूवी की आगे की सीट पर बैठे देखा गया था। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और मनोज तिवारी का बिना सीट बेल्ट लगाए कार में साथ चलने का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की थी।

नियम के मुताबिक इस गाड़ी पर 13 हजार रुपये का जुर्माना किया जाना चाहिए था। यह चालान भी उसी दिन कट जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। दावा किया जा रहा है कि एसयूवी में नियंत्रित प्रदूषण का प्रमाणपत्र भी नहीं था। लेकिन सीट बेल्ट नहीं लगाने पर फाइन एक हजार किया गया है। उल्लेखनीय है कि बागेश्वर बाबा पांच दिनों की अवधि के लिए पटना गए हुए थें। वह नौबतपुर मोहल्ले के तरेत पाली मठ में हनुमान कथा कर रहे थे। बड़ी संख्या में उनके अनुयायी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे। सड़कों पर अत्यधिक भीड़ के कारण नौबतपुर की ओर जाने वाले संपर्क मार्गों में यातायात संचालन पटना पुलिस के लिए चुनौती बन गई थी।

धीरेंद्र शास्त्री को लेकर बिहार की राजनीति भी गर्म रही। महागठबंधन के नेता जहां उनकी इस यात्रा को लेकर सवाल उठाते रहे तो वहीं, भाजपा ने उनका जबरदस्त तरीके से स्वागत किया। ’ धीरेंद्र शास्त्री उर्फ बागेश्वर बाबा के बयानों के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने कहा, ‘‘संविधान में सभी धर्मों के अनुयायियों को समान अधिकार दिए गए हैं। तब वह पैदा भी नहीं हुए थे, न ही हम थे। हमें गर्व है कि बिहार कई धर्मों और धर्मों के मंदिरों वाला स्थान है और यह दूर-दूर से तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है।’’ बागेश्वर बाबा ने अपनी एक सभा में कथित तौर पर कहा था कि ‘‘बिहार एक हिंदू राष्ट्र के गठन का मार्ग प्रशस्त करेगा।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह भी ध्यान में रखा जाना चाहिए कि कोई भी संविधान के मूल चरित्र में बदलाव नहीं ला सकता है। इस तरह की कवायद के लिए संसद के दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी।’’

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