शाहदरा पुलिस की ऐतिहासिक कामयाबी : ऑपरेशन विश्वास के तहत 1 करोड़ कीमत के 625 चोरी हुए मोबाइल बरामद

जनता ने पुलिस की इस ऐतिहासिक कार्रवाई की सराहना की

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली ब्यूरो। राजधानी दिल्ली में मोबाइल चोरी और स्नैचिंग के खिलाफ़ शाहदरा जिला पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। चल रहे “ऑपरेशन विश्वास-2025” के तहत पुलिस ने अब तक 625 चोरी, स्नैच और खोए हुए मोबाइल फ़ोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये है। इस कार्रवाई को जनता ने ऐतिहासिक बताते हुए पुलिस की सराहना की है।
शाहदरा जिले के डीसीपी प्रशांत गौतम ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह पहल 1 मई, 2025 को शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य कोऑर्डिनेटेड सर्विलांस, डेटा एनालिसिस और टारगेटेड ऑपरेशन के जरिए चोरी हुए मोबाइल को ट्रेस कर उनके असली मालिकों तक पहुँचाना है। रिकवरी में आईएमईआई ट्रैकिंग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड एनालिसिस और रियल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग का इस्तेमाल किया गया।
डेडिकेटेड टेक्निकल सर्विलांस टीम में एएसआई दीपक कुमार, हेड कांस्टेबल गगन दीप, तेजवीर सिंह और मनोज कुमार शामिल थे। इस टीम ने दिल्ली और दूसरे राज्यों में एक्टिव चोरी हुए डिवाइस की पहचान करने में अहम भूमिका निभाई। दिल्ली पुलिस ने अपने प्रेस नोट में कहा, “कुल 625 मोबाइल फ़ोन की रिकवरी में से, 225 मोबाइल भारत सरकार के सीईआईआर पोर्टल की मदद से ट्रैक किए गए। हर केस के सीडीआर/आईएमईआई एनालिसिस के बाद, टीम ऑन-फील्ड टीमों को टेक्निकल मदद देती है और मोबाइल फ़ोन को ट्रैक/पकड़ने और रिकवर करने में मदद करती है।” शाहदरा ज़िले के 13 पुलिस स्टेशनों की स्पेशल टीमों को फील्ड ऑपरेशन का जिम्मा दिया गया। तेज़ी से एक्शन और लगातार फॉलो-अप के साथ, सीमापुरी और जीटीबी एन्क्लेव की टीमों ने सबसे ज़्यादा रिकवरी की — क्रमशः 165 और 221 फ़ोन।
फ़र्श बाज़ार, शाहदरा, विवेक विहार, आनंद विहार और कृष्णा नगर समेत दूसरे पुलिस स्टेशनों ने भी कुल रिकवरी में अहम योगदान दिया। रिकवरी कई राज्यों में भी हुई, जिसमें 526 मोबाइल फ़ोन दिल्ली में, 90 उत्तर प्रदेश में और बाकी बिहार, पंजाब, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में ट्रेस किए गए। ये मामले चोरी, स्नैचिंग, डकैती, घर में चोरी और खोए हुए सामान से जुड़े हैं, जिनमें से ज़्यादातर — 321 फ़ोन — खोए हुए की कैटेगरी में हैं। 8 दिसम्बर, 2025 को शाहदरा डीसीपी ऑफिस में आयोजित कार्यक्रम में कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 45 मोबाइल उनके मालिकों को लौटाए गए। इससे पहले भी 26 जून, 17 सितम्बर और 5 अक्टूबर को इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। लगातार प्रयासों से जनता का भरोसा पुलिस पर मज़बूत हुआ है। डीसीपी प्रशांत गौतम ने कहा कि ऑपरेशन विश्वास अभी भी एक्टिव है, और कई राज्यों में ट्रैकिंग की कोशिशों के चलते और भी रिकवरी की उम्मीद है।

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