गेट खुलते ही चीतों ने लगाई दौड़, पिंजरे से आजाद हुई आशा और धीरा
सीएम डॉ मोहन यादव ने कूनो के जंगल में छोड़े 5 चीते

श्योपुर/मध्य प्रदेश। चीता प्रोजेक्ट में मोहन सरकार एक कदम और आगे बढ़ गई है। बुधवार 5 फरवरी के दिन सीएम मोहन यादव ने 5 चीतों को कूनो नेशनल पार्क के खुले जंगल में छोड़ा है। जंगल में छोड़े गए चीतों में 2 मादा चीता आशा और धीरा के अलावा आशा के 3 शावक शामिल है। जंगल में छोड़े गए शावकों की खास बात यह है कि इनका जन्म चीतों के नए बने घर कूनो में हुआ है।
दरअसल, बुधवार के दिन पालपुर-कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता ‘आशा’, हाल ही में शावकों को जन्म देने वाली मादा चीता ‘वीरा’ एवं ‘आशा’ के 3 शाावकों को बड़े बाड़े से खुले जंगल में छोड़ा गया। इसके साथ ही कूनो में छोड़े गए चीतों की संख्या 7 हो गई है। इसके पहले दिसंबर में दो चीते अग्नि और वायु को छोड़ा गया था। वहीं, 5 चीतों को आजाद करने के अवसर पर अधिकारियों से चीता प्रोजेक्ट के संबंध में समीक्षा भी की।
इस अवसर पर सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि कूनो पालपुर के लिए आज का दिन बेहद खास है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने दो चीतों को छोड़कर जिस अभियान की शुरुआत की थी, उसी कड़ी में हमने इन पांच चीतों को अब जंगल में छोड़ा है। जिनका दीदार पर्यटक कर सकेंगे। सीएम मोहन ने आगे कहा कि इसी प्रकार ये कूनो पालपुर उद्यान चीतों से आबाद रहे। यह देखकर सुखद अनुभूति होती है कि कभी एशिया महाद्वीप से ही विलुप्त हो चुके चीते आज मध्यप्रदेश की पावन धरा पर रफ्तार भी भर रहा है और अपना कुनबा भी बढ़ा रहा है।
कूनो नेशनल पार्क में अभी तक ये चीते 100 हेक्टेयर के बाड़े में सीमित थे। लेकिन अब इनको खुले जंगल में छोड़ा गया है। इसके चलते पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही खुले जंगल में चीतों का दीदार करने के लिए पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। खुले जंगल में रहने के चलते चीतों को नेचुरल वातावरण में रहने का बेहतर अवसर मिलेगा। कूनो नेशनल पार्क में आजाद किए गए 5 चीतों में मादा चीता आशा और उसके 3 शावक शामिल हैं। बता दें कि आशा वह मादा चीता है जो पहली मां बनी है और तीन नर चीतों को जन्म दिया है। कूनो के जंगल में छोड़े गए 3 शावक तीन महीने तक अपनी मां आशा के साथ ही रहेंगे। इस दौरान शावक मां से शिकार करना सीखेंगे।
नमीबिया से आए चीतों की खेप में आई मादा चीता आशा ने इन शावक चीतों को एक जनवरी 2024 के दिन जन्म दिया था। वहीं, कूनो नेशनल पार्क के प्रबंधन को 2 जनवरी के दिन इसकी जानकारी हुई थी। जंगल में छोड़े गए तीनों शावकों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। मां के साथ शावकों की मॉनिटरिंग के लिए दो दल रहेंगे। मॉनिटरिंग में लगे कर्मियों की ड्यूटी शिफ्ट में होगी।
आपको बताएं कि सीएम मोहन यादव के कूनो नेशनल पार्क में आने से पहले चीतों के कुनबे में 2 शावकों की दस्तक हुई थी। दरअसल, चीता वीरा ने दो शावकों को जन्म दिया है जिसकी सतत निगरानी पार्क प्रबंधन के कर्मचारी अधिकारी कर रहे हैं। वहीं वीरा के दो शावकों सहित कूनो में चीतों की कुल संख्या 26 हो गई है इनमें से 14 शावकों ने भारत में जन्म लिया है।
“जीव चराचर जंतु समाना” की भावना वाली मध्यप्रदेश की धरा अद्भुत है; जो वन्य जीवों की आदर्श आश्रय स्थली और कई विलुप्तप्राय वन्य प्राणियों की अठखेलियों का आंगन है। हम आने वाली पीढ़ियों के लिए वन्य जीवन को सहेजकर रखने एवं जैव-विविधता संरक्षण हेतु प्रतिबद्ध हैं और आगे भी ऐसे नवाचारों से मध्यप्रदेश की पुण्य धरा को गौरवान्वित करते रहेंगे।इसके बाद मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ कूनो पालपुर उद्यान का निरीक्षण भी किया




