पुणे में बाइक टैक्सी के खिलाफ प्रदर्शन करने को लेकर 37 ऑटोरिक्शा चालकों पर मामला दर्ज

पुणे,(महाराष्ट्र)। पुणे पुलिस ने शहर में परिचालित की जा रही बाइक टैक्सी के खिलाफ ऑटोरिक्शा संघों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में तिपहिया वाहनों के 37 चालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, कई ऑटोरिक्शा संघों ने सोमवार को बाइक टैक्सी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और अपने तिपहिया वाहनों को आरटीओ चौक पर सड़क के बीचोंबीच खड़ा कर दिया, जिससे आस-पास के मार्गों पर यातायात अवरूद्ध हो गया।
बूंदगार्डन पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘बीच सड़क पर खड़े ऑटोरिक्शा को हटाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल का प्रयोग किया गया। संघ के नेताओं और पदाधिकारियों सहित 37 चालकों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। ’’ ऑटोरिक्शा संघों ने मांग की है कि ऐप-आधारित सेवा प्रदाता रैपिडो द्वारा संचालित बाइक टैक्सी सेवा को पुणे में बंद कर दिया जाए। इस बीच, रैपिडो ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बयान में कहा है कि ऑटोरिक्शा आंदोलन से यात्रियों और कंपनी के मेहनती कर्मचारियों को असुविधा हुई है।
रैपिडो ने कहा,‘‘पुणे में बाइक टैक्सी सेवाओं को बंद करने की ऑटोरिक्शा संघों की मांग शहर में 57,000 रैपिडो चालकों और उनके परिवारों की आजीविका को खतरे में डालने जैसा है। ’’ गौरतलब है कि रैपिडो बाइक टैक्सी एक ऐसा मंच है, जहां लोग मोबाइल ऐप पर बाइक की सवारी बुक कर सकते हैं। बाइक टैक्सी उन ग्राहकों को यात्रा सुविधा प्रदान करती है, जो मोटरसाइकिल चालक के पीछे बैठते हैं।




