गाजियाबाद बनेगा इलेक्ट्रिक व्हीकल लाइट हाउस, ईवी सेल का किया गया गठन

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में इलेक्ट्रिक व्हीकल पर जोर देने की योजना बनाई गई है। वाहनों की वजह से बढ़ रहे प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए अब इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर जोर दिया जाएगा। इसी कड़ी में शुक्रवार को कौशांबी के एक होटल में ‘सिटी ईवी एक्सेलरेटर कार्यशाला’ हुई। इसमें मेयर, डीएम समेत कई विभागों के आला अधिकारी शामिल रहे। साथ ही कई फूड कंपनियों और उद्योगों के प्रतिनिधी भी शामिल रहे। इस दौरान यह बताया गया कि गाजियाबाद पहला ऐसा जिला है, जहां ईवी सेल का गठन किया जा रहा है। इस सेल में यूएसआरटीसी, परिवहन विभाग, पॉल्यूशन कंट्रोल विभाग, विद्युत विभाग आवास विकास परिषद व अन्य सरकारी विभागों के अधिकारी शामिल होंगे।जिलाधिकारी की निगरानी में यह सेल लोगों को ई व्हीकल के प्रति जागरूक करने का काम करेंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि जल्द ही गाजियाबाद को ईवी लाइट हाउस बनाया जाएगा। इसे लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। जल्द इस पर काम शुरू होगा। दरअसल, इलेक्ट्रिक व्हीकल लाइट हाउस का अर्थ है कि एक ऐसा हब तैयार करना, जिसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल अधिक हों। इस लाइट हाउस का प्रकाश अन्य जिलों तक पहुंचे, जिससे वे भी इसे अपनाएं।
बनेंगे 110 से अधिक चार्जिंग पॉइंट
वर्कशॉप में सुनीता दयाल, जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह, जीडीए वीसी अतुल वत्स, सीडीओ अभिनव गोपाल, जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह, दिल्ली परिवहन विभाग के विशेष आयुक्त शहजाद आलम, आरएमआई इंडिया फाउंडेशन की निदेशक सहमिता व नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक मौजूद रहे। उन्होंने शहर में ई-चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाकर ईवी लाइट हाउस बनाने पर चर्चा की। गाजियाबाद में आने वाले दिनों में इलेक्ट्रिक व्हीकल को लेकर क्या प्लानिंग है, इस पर भी चर्चा की।
इसके लिए जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी बात की गई। इतना ही नहीं ऑनलाइन शॉपिंग व फूड डिलीवरी करने वाली कंपनियों ने ईवी के प्रयोग के अनुभवों को साझा किया। साथ ही उन्होंने इस क्षेत्र को बढ़ाने के लिए सहयोग देने की बात कही। मेयर ने बताया कि 25 स्थानों पर 110 चार्जिंग पॉइंट बनाने की योजना पर काम चल रहा है।
डीएम ने दिया निर्देश
जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि सभी को एकजुट होकर शहर को प्रदूषण मुक्त बनाना है। आज से ही इस पर विभाग काम शुरू कर दें। आगे होने वाली कार्यशाला में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें, यह जरूरी है। अधिक से अधिक इंडस्ट्रीज भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले। इस पर भी जोर दिया। साथ ही शहर में ज्यादा से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट बनाने की प्लानिंग को सफल बनाने की बात कही।
ई-बसों का भी दिया हवाला
नगरायुक्त ने नो प्रॉफिटेबल संगठन आरएमआई इंडिया फाउंडेशन के सभी मेंबरों का इस प्रॉजेक्ट में सहयोग करने के लिए धन्यवाद किया। दावा किया कि गाजियाबाद को जल्द ही आने वाले 6 से 7 माह में इलेक्ट्रिक व्हीकल लाइट हाउस के रूप में तैयार किया जाएगा, जिससे अन्य नगर निगम भी इसी तर्ज पर काम करेंगे। शहर में 50 ई बस भी चल रही हैं, नगर निगम के ई-रिक्शा भी हैं। अन्य व्हीकल भी इलेक्ट्रिक आधार पर हों, इसकी तैयारी की जा रही है। उत्तर प्रदेश नगर निगम में गाजियाबाद पहला नगर निगम है, जहां इलेक्ट्रिक व्हीकल की कार्यशाला का आयोजन हुआ है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल को लेकर गठित सेल का काम है कि सभी अधिकारी अपने-अपने विभाग में किस तरीके से इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा दे सकते हैं। इसके लिए जागरूकता और जनसंपर्क में क्या योगदान दे सकते हैं। इसे लेकर होने वाली बैठकों में अपने पॉइंट्स रखें। इस दिशा में किस प्रकार से जिला गाजियाबाद बेहतर कर सकता है, अपने-अपने कार्य क्षेत्र से बेहतरीन आइडिया सांझा करें। अपने-अपने क्षेत्र में यह सभी विभाग जनता से भी संपर्क करेंगे।

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