संभल में मिला तीसरा मंदिर, बांके बिहारी और महादेव के दरबार में 25 साल पहले होती थी पूजा
Third temple found in Sambhal, worship used to be done in the court of Banke Bihari and Mahadev 25 years ago

- उत्तर प्रदेश के संभल में तीन बंद मंदिरों का पता चला
- बांके बिहारी और महादेव का मंदिर चंदौसी में स्थित
- मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग भक्तजनों ने की है
संभल/उत्तर प्रदेश। संभल में एक के बाद एक तीन ऐसे मंदिरों का पता जिला प्रशासन को लगा है, जोकि सालों से बंद या फिर विलुप्त से हो गए थे। संभल जामा मस्जिद या हरिहर मंदिर के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के बाद यहां का जिला प्रशासन एक्टिव मोड़ पर आ गया। एक तरफ उपद्रवियों की तलाश और गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू हो गया तो दूसरी तरफ बिजली चोरी के खिलाफ विद्युत विभाग की छापामारी और नगर पालिका का अवैध अतिक्रमण अभियान शुरू हो गया है।एक के बाद एक सबसे पहले यहां 46 सालों से बंद पड़े संभल के खग्गू सराय में संलेशवर मंदिर का जिला प्रशासन को पता लगा। इसके बाद उसकी साफ-सफाई की गई और विधिवत पूजा-पाठ शुरू हो गया। अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई। बंद पड़े कूप की खुदाई कराई गई इस दौरान तीन मूर्तियां खंडित खोज निकाली गई। वहीं बीते मंगलवार को सरायतरीन में बंद पड़े राधा कृष्ण मंदिर को खोला गया, जो सालों से बंद बताया जा रहा है। अब इसके बाद तीसरे मंदिर के बारे में पता चला है।
इस तीसरे मंदिर को लेकर कहा जा रहा कि यह संभल के कस्बा चंदौसी स्थित लक्ष्मणगंज का बांके बिहारी और महादेव का मंदिर है। इस मंदिर को लेकर बताते है कि चंदौसी का लक्ष्मणगंज मोहल्ला लगभग ढाई दशक पूर्व हिंदू बाहुल्य हुआ करता था। धीरे-धीरे यहां मुस्लिम आबादी बढ़ने लगी और हिंदू समुदाय के कुछ लोग अपने अपने मकान बेच कर यहां से पलायन कर गए।
पच्चीस साल पूर्व यहां इस मंदिर में खुशहाली नजर आती थी। बताते है कि यहां हर रोज भक्तजनों का सैलाब उमड़ता था और रोज पूजा-अर्चना कर भक्त पुन्य लाभ अर्जित किया करते थे। प्राचीन बांके बिहारी मंदिर को लेकर कहा जाता है कि 152 वर्ष पहले इसके परिसर में एक पीपल का विशाल वृक्ष, कूप और जल बावड़ी हुआ करता थी। आज यह मंदिर अस्तित्वविहीन हो गया है। खंडरनुमा इस मंदिर का अब पता चलने पर भक्तजन पुनर्निर्माण की मांग करने लगे है।


