रुबैया सईद किडनैपिंग केस में सीबीआई को बड़ा झटका, 35 साल बाद अरेस्ट हुए शांगलू को कोर्ट ने छोड़ा

जम्मू/एजेंसी। जम्मू कश्मीर के चर्चिच रुबैया सईद किडनैपिंग केस में सीबीआई को बड़ा झटका लगा है। मंगलवार को इस अपहरण केस में आरोपित जम्मू कश्मीर के शफात अहमद शांगलू को सीबीआई ने विशेष कोर्ट में पेश किया। सीबीआई ने शांगलू की रिमांड मांगी लेकिन विशेष कोर्ट ने रिमांड देने से मनाकर दिया। गौरतलब हो कि शफात अहमद शांगलू को 1989 में तत्कालीन गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी को किडनैप करने के आरोप में सोमवार को गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट के फैसले के बाद वह एक दिन बाद रिहा हो गया। शांगलू के वकील ने कहाकि स्पेशल कोर्ट ने गिरफ्तारी को सही नहीं माना और कस्टडी देने से इनकार कर दिया, हालांकि अभी डिटेल ऑर्डर आना बाकी है।
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने शांगलू को 36 साल बाद पकड़ा था, लेकिन जम्मू की एक कोर्ट ने मंगलवार 2 दिसंबर को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन की अर्जी पर कस्टडी देने से मना कर दिया। शांगलू ने बाद में कहा कि किडनैपिंग मेरा कोई हाथ नहीं था। कोर्ट ने आज मुझे न्याय दिया है।शांगलू के वकील सोहेल डार ने कहा कि चूंकि उन्हें रिहा कर दिया गया है। उनका इसमें कोई हाथ नहीं था, इसलिए अब उनके खिलाफ कोई जांच नहीं होगी। अब टाडा कोर्ट आदेश के बाद तीसरे एडिशनल डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज मदन लाल के डिटेल ऑर्डर की कॉपी का इंतजार किया जा रहा है।
सीबीआई ने टाडा कोर्ट में एक अर्जी दी थी, और वे इस आधार पर ज्यूडिशियल कस्टडी मांग रहे थे कि शफ़ात अहमद शांगलू पिछले 35 सालों से फरार था, लेकिन आज, जब माननीय कोर्ट ने फ़ाइल देखी, तो उसे उसके खिलाफ ऐसा कुछ नहीं मिला। वह कभी देश छोड़कर नहीं गए थे। न ही ट्रायल के दौरान उनके खिलाफ कुछ आया था। ऐसे में कोर्ट ने छोड़ दिया।
शफात अहमद डार, रुबैया सईद किडनैपिंग केस में शांगलू के वकील
शांगलू पर जम्मू एंड कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के सदस्यों द्वारा रची गई साजिश का हिस्सा होने के आरोप था। इसके चलते उसके ऊपर 10 लाख रुपये का इनाम था। उस पर जेकेएलएफ चीफ यासीन मलिक का करीबी होने का आरोप था। मलिक दूसरे मामलों में जेल में बंद है। सीबीआई ने इससे पहले अपने बयान में कहा था कि शांगलू ने मलिक और दूसरों के साथ मिलकर जुर्म करने की साजिश रची थी। शांगलू पर आरोप था कि वह प्रतिबंधिक संगठन का एक ऑफिस-बेयरर था। उसका फाइनेंस संभालता था। सीबीआई ने जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर 1 दिसंबर को श्रीनगर के निशात इलाके में शांगलू को उसके घर से गिरफ्तार किया था।
तत्कालीन गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद को 8 दिसंबर, 1989 को श्रीनगर के लाल देद हॉस्पिटल के पास से किडनैप किया गया था। रुबैया को छुड़वाने के लिए पांच दिन बाद केंद्र की तत्कालीन वीपी सिंह सरकार द्वारा बदले में पांच आतंकवादियों को रिहा करने के बाद उसे रिहा कर दिया गया था। मुफ्ती मोहम्मद सईद के बाद उनकी दूसरी महबूबा मुफ़्ती भी जम्मू कश्मीर की सीएम रह चुकी हैं।

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