देश की पहली महिला स्काई डाइवर रेचल थॉमस की आत्मकथा ‘लिमिटलेस’ का विमोचन

नई दिल्ली। आज भारतीय खेल लगातार नया कौशल और आत्मविश्वास हासिल कर रहा है। क्रीड़ा क्षितिज पर नई प्रतिभाओं का उदय हो रहा है। जमीन पर खेले जाने वाला खेल हो या आसमान में गोता लगाने वाला अति रोमांचकारी और एडवेंचर से भरा साहसिक खेल स्काई डाविंग, सबमें महिलाएं अपने बेहतरीन कौशल का प्रदर्शन कर रही हैं। आसमान में छलांग लगाने वाली ऐसी ही साहसी और आत्मविश्वास से भरी स्काईडाइविंग खिलाड़ी हैं रेचल थॉमस। आज उनकी आत्मकथा ‘लिमिटलेस’ का विमोचन करने का अवसर प्राप्त हुआ जो आने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक होगी।
दिल्ली के कान्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित देश की पहली महिला स्काईडाइवर रेलच थॉमस की आत्मकथा के विमोचन समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री व एयरो क्लब ऑफ इंडिया के अध्यक्ष राजीव प्रताप रुडी ने उक्त बातें कहते हुए आगे कहा कि अपने दो बच्चों को मां का लाड-प्यार देते हुए 24 साल की उम्र में यह उपलब्धि प्राप्त करने वाली रेचल थॉमस महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरक हैं। विदित हो कि 20 अप्रैल 1979 को, थॉमस भारत की पहली महिला स्काईडाइवर बनीं, जिन्होंने आगरा में स्काईडाइविंग फेडरेशन ऑफ इंडिया से अपना ‘ए’ लाइसेंस प्राप्त करने के बाद अपना करियर शुरू किया। वह सिर्फ 24 साल की थी और दो बच्चों की मां थीं जब उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की थी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, एयरो क्लब ऑफ इंडिया के अध्यक्ष राजीव प्रताप रुडी ने और रेचल थॉमस की हिम्मत और जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि जिस समय कोई इस खेल के बारे में सोच भी नहीं सकता था उस समय पदमश्री रेचल थॉमस ने आकाश में कलाबाजियां दिखाईं। मालूम हो कि राजीव प्रताप रुडी एयरो क्लब ऑफ इंडिया के अध्यक्ष होने के साथ-साथ एक व्यावसायिक लाईसेंसधारक पायलट भी हैं। आसमान में अठखेलियां करने वाले स्काईडाइविंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स को पसंद भी करते हैं और एयरो क्लब ऑफ इंडिया की तरफ से इसके आयोजन को लेकर मुखर भी रहते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित पद्मश्री रेचल थॉमस ने स्काईडाइविंग को लेकर अपने जुनून की चर्चा करते हुए उन्होंने अपने रास्ते में आने वाली मुश्किलों के बारे में बात की और बताया कि कैसे तमाम मुश्किलों को पार करते हुए वो अपनी मंजिल तक पहुंची। उनकी मंजिल थी देश की पहली महिला स्काईडाइवर बनना और उन्होंने अपना मुकाम हासिल कर के ही दम लिया।

दरअसल एयरो क्लब ऑफ इंडिया भारत में सभी फ्लाइंग क्लबों की सर्वोच्च संस्था है। ये संस्था भारत में ग्लाइडिंग क्लब और एयरो स्पोर्ट्स से जुड़े सभी तरह के एडवेंचर स्पोर्टस जैसे पावर्ड फ्लाइंग, ग्लाइडर फ्लाइंग, स्काईडाइविंग, हैंग ग्लाइडिंग, बैलूनिंग जैसे खेलों को बढ़ावा देने में मदद करता है। एयरो क्लब ऑफ इंडिया फेडरेशन ऑफ एरोनॉटिक इंटरनेशनल का प्रतिनिधि सदस्य है, जिसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड में है। FAI दुनिया की एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्टिंग बॉडी है जो एयरो स्पोर्ट को प्रोत्साहित करने और इसे नियंत्रित रखने के लिए नियम बनाने और उसे लागू करने के लिए अधिकृत है और आज एयरो क्लब ऑफ इंडिया के अध्यक्ष राजीव प्रताप रुड़ी के नेतृत्व में भारत में एयरो स्पोर्ट से जुड़े खेलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। एयरो क्लब ऑफ इंडिया की तरफ से आयोजित इस बुक लॉन्च के मौके पर एयर फोर्स और आर्मी के कई गणमान्य मेहमान उपस्थित थे।

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