दिल्ली में बैठकर अमेरिका के नागरिकों को ठगने वाले फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 9 आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली में बैठक अमेरिका के लोगों को ठगने वाले फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पर्दाफाश दिल्ली पुलिस ने किया है। अमेजॉन और फेसबुक का फर्जी एग्जीक्यूटिव बनकर ठग अमेरिकी लोगों को चूना लगा रहे थे। पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया और इनसे 11 मोबाइल 8 लैपटॉप बरामद किए हैं। गिरफ्तार लोगों में 7 टेलीकॉलर हैं, जो कॉल सेंटर से यूएसए में कॉल करते थे और वहां के लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे थे, जबकी दो इस कॉल सेंटर के हेड हैं। दिल्ली पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है।
डीसीपी आउटर हरेंद्र सिंह ने बताया कि साइबर पुलिस स्टेशन की टीम को इसके बारे में सूचना मिली थी की सुल्तानपुरी की एच ब्लॉक में इस तरह का कॉल सेंटर चल रहा है। पुलिस टीम ने छानबीन की और जब पुख्ता जानकारी मिल गई तो उसके बाद वहां पर छापा मारा गया। वहां पर देखा की बिल्डिंग के थर्ड फ्लोर पर फर्जी कॉल सेंटर चल रहा है। वहां पर 7 टेलीकॉलर USA कॉल करके चिटिंग कर रहे हैं। फिर पुलिस टीम ने जांच की और सभी टेलीकॉलर और उनके हेड को पकड़ लिया। उनसे पूछताछ हुई तो ऑनर की पहचान प्रिंस शर्मा और मुकुल देव के रूप में हुई। ये दोनों सुल्तानपुरी के रहने वाले निकले। वहां से 11 स्मार्टफोन 8 लैपटॉप और एक वाईफाई राउटर भी बरामद किया गया। अब पुलिस की टीम बरामद किए गए लैपटॉप की जांच कर रही है। इनके खिलाफ साइबर थाना में अलग-अलग कई धाराओं 419/420/120B/34 आईपीसी और 66C, 66D IT एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
पूछताछ में पुलिस को पता चला की प्रिंस शर्मा और मुकुल देव पहले कॉल सेंटर में गुड़गांव में काम करते थे। वहां से इन्हें कुछ ट्रिक मिला, उसके बाद इन लोगों ने मिलकर यहां दिल्ली में 2021 में फेक कॉल सेंटर का सेटअप साउथ दिल्ली में शुरू किया। लेकिन बाद में कुछ डिस्प्यूट की वजह से वहां बंद कर दिया था। बाद में फिर इसी साल आउटर दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके में दोबारा से कॉल सेंटर दोनो ने मिलकर खोला और विदेशी नागरिकों ( USA में बैठे लोगों ) टारगेट करके उनसे चीटिंग करने लगे थे। उनको ऑनलाइन सपोर्ट के नाम पर झांसा देते और उनसे अलग-अलग चार्ज करके चीटिंग करने लगे थे।




