जीडीए में लापरवाही, एक ही नाम के 2 कर्मचारी, आरोपी को छोड़ निर्दोष पर कार्रवाई

गाजियाबाद ब्यूरो। गाजियाबाद डिवेलपमेंट अथॉरिटी में लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। नए प्रकरण में एक जैसा नाम होने की वजह से जीडीए के प्रशासनिक अनुभाग के बाबू ने आरोपी सुपरवाइजर को छोड़कर निर्दोष सुपरवाइजर को सस्पेंड कर दिया। हैरानी की बात ये है कि दोनों सुपरवाइजर अलग-अलग ज़ोन में तैनात थे। यह मामला जीडीए वीसी राकेश कुमार सिंह तक पहुंचा तो उन्होंने ओएसडी गुंजा सिंह को मामले की जांच करके लापरवाही करने वाले बाबू को स्पष्टीकरण दिए जाने का निर्देश दिया है। ओएसडी गुंजा सिंह ने संबंधित बाबू को स्पष्टीकरण देकर जवाब मांगा है। ओएसडी गुंजा सिंह का कहना है कि जिस निर्दोष सुपरवाइजर पर कार्रवाई हुई उसे भी बहाल किया जाएगा। आरोपी सुपरवाइजर के खिलाफ ही कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
पिछले दिनों लोनी के रूपनगर एरिया में एक बिल्डिंग गिरी थी। इसमें दो लोगों की मौत हुई थी, जबकि 8 लोग घायल हुए थे। जीडीए के अधिकारियों ने आनन फानन में इस मसले में फूलचंद नाम के सुपरवाइजर को सस्पेंड किए जाने की रिपोर्ट बनाकर जीडीए वीसी को भेजी थी। जीडीए वीसी ने उसे सस्पेंड किए जाने का आदेश जारी कर दिया, लेकिन प्रशासनिक बाबू के पास जब फाइल पहुंची तो उसने प्रवर्तन जोन-6 यानी इंदिरापुरम में तैनात फूलचंद नाम के व्यक्ति के सर्विस बुक में सस्पेंड किए जाने की कार्रवाई कर दी। जब इसकी जानकारी इंदिरापुरम में कार्यरत फूलचंद को हुई तो उन्होंने जीडीए वीसी से मिलकर इसकी शिकायत की। उनका कहना था कि ऐसा किए जाने से उसकी सैलरी में मिलने वाला इंक्रीमेंट भी प्रभावित हो जाएगा।
जांच रिपोर्ट में और भी गड़बड़ी
बिल्डिंग गिरने के बाद जब जांच रिपोर्ट बनी तो अधिकारियों ने जिस फूलचंद को सस्पेंड किए जाने की संस्तुति की थी उसकी उस सब-जोन में तैनाती नहीं थी। बल्कि शेर सिंह नाम के व्यक्ति की वहां तैनाती थी। उसने भी इस मामले में जीडीए वीसी के सामने अपना पक्ष रखा है। अब उसे बहाल करते हुए शेर सिंह के खिलाफ जांच अधिकारी ओएसडी गुंजा सिंह अपनी रिपोर्ट बनाकर जीडीए वीसी को सोमवार तक देंगी।
ओएसडी गुंजा सिंह की जांच में अभी तक यह बात सामने आई है कि लोनी एरिया में फूलचंद नाम का जो कर्मचारी तैनात था। उसका पदनाम मेट है। जबकि इंदिरापुरम में जो फूलचंद नाम का कर्मचारी तैनात है उसका पदनाम सुपरवाइजर का है। लेकिन उच्चाधिकारियों ने जो जांच रिपोर्ट तैयार की उसमें सुपरवाइजर फूलचंद के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई थी। प्रशासनिक अनुभाग के बाबू ने जब अपने रिकार्ड में देखा तो फूलचंद नाम का एक ही सुपरवाइजर है। तो उसने उसके सर्विस बुक में कार्रवाई कर दी।

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