हिंदुओं की रक्षा करने में फेल बांग्लादेश की यूनुस सरकार! ढाका में जुटे हजारों अल्पसंख्यकों ने खोली पोल

Bangladesh's Yunus government failed to protect Hindus! Thousands of minorities gathered in Dhaka exposed the truth

ढाका/एजेंसी। बांग्लादेश में दुर्गा पूजा से पहले हिंदुओं और दूसरे अल्पसंख्यकों ने राजधानी ढाका में शुक्रवार (4 अक्टूबर) को एक बड़ी रैली का आयोजन किया। बांग्लादेश संयुक्त अल्पसंख्यक गठबंधन के बैनर तले रैली में देश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई गई। इस दौरान अल्पसंख्यकों को लिए न्याय की गारंटी समेत 8 सूत्री मांगे रखी गईं। बांग्लादेश में दुर्गा पूजा त्योहार को लेकर हिंदुओं को लगातार धमकी दी जा रही है और उनसे त्योहार न मनाने को कहा जा रहा है।हिंदू समुदाय के मंदिरों और पूजा समितियों को धमकी भरे खत भेजे जा रहे हैं, जिसमें उन्हें दुर्गा पूजा मनाने के लिए 5 लाख रुपये तक की मांग की गई है। दाकोप, खुलना में अनेक मंदिरों को ऐसे अज्ञात खत मिले हैं। शुक्रवार को ढाका में हुई रैली में देश भर के विभिन्न मंदिरों और मठों से आध्यात्मिक नेता, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्र और सभी क्षेत्रों के नागरिक पहुंचे थे। इस रैली में 8 प्रमुख मांगें उठाई गईं, जो इस तरह हैं।
रैली में उठाई गईं 8 मांगे
1- अल्पसंख्यकों, खासकर सनातनी हिंदुओं के उत्पीड़न के लिए न्याय की गारंटी के लिए तटस्थ जांच आयोग का गठन किया जाना चाहिए। इसके बाद अपराधियों को शीघ्र और उचित सजा देने के लिए एक फैक्ट ट्रैक ट्रायल ट्रिब्यूनल की स्थापना और प्रभावी संचालन किया जाना चाहिए। साथ ही पीड़ितों के लिए पर्याप्त मुआवजा और पुनर्वास भी किया जाना चाहिए।
2- तत्काल एक अल्पसंख्यक संरक्षण अधिनियम लागू करने की मांग की गई।
3- एक अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय बनाया जाए।
4- हिंदू धार्मिक कल्याण ट्रस्ट को हिंदू फाउंडेशन में अपग्रेड किया जाएगा। इसी तरह बौद्ध और ईसाई धार्मिक कल्याण ट्रस्टों को फाउंडेशन में अपग्रेड किया जाए।
5- ‘संपत्ति की वसूली और संरक्षण के लिए कानून’ बने और ‘संपत्ति वापसी अधिनियम’ को ठीक से लागू किया जाए।
6- सभी सार्वजनिक/निजी विश्वविद्यालयों, विश्वविद्यालय महाविद्यालय और हर उच्च शिक्षा संस्थान में अल्पसंख्यक छात्रों के लिए पूजा स्थल बनाएं और हर छात्रावास में प्रार्थना कक्ष आवंटित करें।
7- संस्कृत और पाली शिक्षा बोर्ड का आधुनिकीकरण किया जाए।
8- शारदीय दुर्गा पूजा उत्सव पर 5 दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित हो। साथ ही प्रत्येक अल्पसंख्यक समुदाय के प्रमुख धार्मिक त्योहारों के लिए आवश्यक अवकाश दिया जाए।

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