गाजियाबाद में आर्थिक तंगी से परेशान एस्ट्रोलॉजर ने 13वीं मंजिल से कूदकर दी जान
घर में मिला तीन दिन पुराना मां का शव

गाजियाबाद ब्यूरो। एनएच-नौ स्थित महागुनपुरम सोसायटी में बृहस्पतिवार को बृहस्पतिवार दोपहर एक एस्ट्रोलॉजर ने 13वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद सूचना पर जब पुलिस मृतक के फ्लैट पर पहुंची तो अंदर उनकी 70 वर्षीय मां का शव बेड पर कंबल में लिपटा हुआ मिला। जिससे मामला संदिग्ध हो गया। घटना दोपहर करीब पौने दो बजे विनायक टावर की है। सोसायटी के लोगों ने बताया कि अचानक तेज आवाज के साथ शाफ्ट के पास लगी फाइबर शीट टूटने की आवाज आई। मौके पर पहुंचकर देखा तो एक व्यक्ति खून से लथपथ पड़ा था।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने उनकी पहचान विनायक टावर में भूतल स्थित फ्लैट नंबर 28 में रहने वाले 42 वर्षीय राजवीर चावला के रूप में की। उन्हें तत्काल मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में आर्थिक तंगी के कारण राजवीर द्वारा आत्महत्या किया जाना लग रहा है। जबकि मां की मौत की वजह पीएम रिपोर्ट से चलेगी। बृहस्पतिवार को एक व्यक्ति द्वारा 13वीं मंजिल से कूदने की सूचना पर पुलिस सोसायटी पहुंची तब पुलिस को स्थानीय लोगों के साथ जब ने पुलिस उनकी मां को सूचना देने के लिए फ्लैट पर पहुंची तो दरवाजा खुला मिला।
अंदर बेड पर उनकी मां 70 वर्षीय सतनाम कौर का शव पड़ा था। शव कंबल में था, सिर्फ उनका चेहरा ही बाहर था। कमरे में पंखा चल रहा था। कमरे से दुर्गंध आ रही थी और शव दो-तीन दिन पुराना प्रतीत हो रहा था। इसके बाद मौके पर फील्ड यूनिट और फोरेंसिक टीम को बुलाकर जांच शुरू की गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि राजवीर यूट्यूब पर ज्योतिष से जुड़े वीडियो बनाते थे। इससे उनकी कमाई नहीं हो पा रही थी। पारिवारिक जीवन भी ठीक नहीं चल रहा था। पत्नी से मतभेद के चलते वह बेटे के साथ अलग क्रॉसिंग रिपब्लिक में रह रही हैं, जबकि राजवीर अपनी मां के साथ महागुनपुरम सोसायटी के फ्लैट में रहते थे। उनके पिता और भाई की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। एक बहन है उसकी शादी हो चुकी है।
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में राजवीर द्वारा आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्या करना लग रहा है, लेकिन उनकी मां की मौत को लेकर स्थिति साफ नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि या तो उनकी स्वाभाविक मौत हुई या राजवीर ने मां से हुए विवाद के बाद उनकी हत्या कर दी और दो दिन तक फ्लैट में रहने के बाद खुद जान देने का निर्णय लिया। हालांकि मौके पर मां के शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं मिले हैं।
सोसायटी एओए अध्यक्ष यशपाल यादव का कहना है कि राजवीर चावला उनकी जानकारी के मुताबिक करीब छह साल से सोसायटी में रह रहे थे। वह पड़ोसियों से ज्यादा बात नहीं करते थे। दो दिन से उन्हें किसी ने देखा भी नहीं था।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि राजवीर मंगलवार को वह पत्नी से मिलने क्रासिंग रिपब्लिक गए थे। महागुनपुरम सोसायटी वाला फ्लैट उनके ससुर ने उनकी पत्नी के नाम दिया हुआ है। चार महीने से राजवीर अपनी पत्नी को भी खर्चे के रुपये नहीं दे पाए थे। इससे पुलिस आर्थिक संकट के कारण आत्महत्या करना मान रही है। पुलिस का कहना है कि पत्नी से बातचीत के बाद और जानकारी मिल पाएगी।

फोटो में राजवीर का परिवार। उनकी मां और खुद राजवीर। साथ में पत्नी और बेटा।




