हरिद्वार में कांवड़ियों का उत्पात, स्कूटी सवार महिला से मारपीट, हाईकोर्ट ने डीजीपी को किया तलब

Kanwariyas create ruckus in Haridwar, beat up a woman riding a scooter, High Court summons DGP

देहरादून/एजेंसी। उत्तराखंड के हरिद्वार में चल रही कांवड़ यात्रा के दौरान एक शर्मनाक घटना ने इस पवित्र यात्रा की आस्था को ठेस पहुंचाई है। 14 जुलाई को दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर ऋषिकुल चौक के पास एक स्कूटी सवार महिला की गाड़ी से कांवड़ियों को हल्की टक्कर लगने के बाद कुछ कांवड़ियों ने महिला के साथ मारपीट और गाली-गलौज की। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद हाईकोर्ट ने डीजीपी को तलब किया और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
जानकारी के मुताबिक विवाद स्कूटी सवार महिला की टक्कर महिला कांवड़िया से हो जाने के बाद शुरु हुआ। जिसके बाद महिला कांवड़िया स्कूटी सवार महिला की ओर दौड़ती है और उसके साथ हाथापाई शुरू कर देती है। वह महिला के बाल खींचती है और उसे जमीन पर गिरा देती है। इस दौरान पुरुष कांवड़िये भी गाली-गलौज करते हैं और महिला कांवड़िया को उकसाते हैं। अन्य कांवड़ियों ने भी स्कूटी सवार महिला को घेरकर चप्पलों से पीटना शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन कांवड़ियों ने उनकी बात अनसुनी कर दी और उनके साथ भी मारपीट की।पुलिस को सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया गया। इसके अलावा, कांवड़ियों द्वारा हरिद्वार में एक चश्मे की दुकान में तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई है। हालांकि तोड़फोड़ करने वालों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने इस मारपीट और तोड़फोड़ की घटनाओं का स्वतः संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस नरेंद्र जी गुहानाथन और जस्टिस आलोक मेहरा की खंडपीठ ने डीजीपी से पूछा कि इन घटनाओं पर पुलिस ने क्या कार्रवाई की है।
डीजीपी ने बताया कि दुकान में तोड़फोड़ करने वालों को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई है। पुलिस लगातार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम कर रही है। हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
हरिद्वार में इन दिनों कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है, जिसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा और अन्य राज्यों से लाखों शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रहे हैं। जहां अधिकांश कांवड़िये शांतिपूर्ण तरीके से यात्रा कर रहे हैं, वहीं कुछ असामाजिक तत्वों के इस तरह के व्यवहार से कांवड़ यात्रा की गरिमा को ठेस पहुंच रही है।

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