श्रीमती प्रतिभा रविंद्र प्रभु : शिक्षा और सामाजिक विरासत की प्रेरणादायी यात्रा
आदर्श शिक्षिका की गौरवपूर्ण सेवानिवृत्ति, सेवानिवृत्ति समारोह का आयोजन

कांति जाधव/महाराष्ट्र ब्यूरो। वसई तालुका के पोमन जिला परिषद विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती प्रतिभा रविंद्र प्रभु के सेवानिवृत्ति अवसर पर शनिवार, 31 जनवरी 2026 को एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन कामान केंद्र, वसई तालुका प्रशासन और पोमन गांव के ग्रामीणों के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर प्रतिभा प्रभु को सम्मान प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। उन्होंने विद्यालय के बच्चों को उपयोगी शिक्षण सामग्री भेंट कर अपनी शिक्षण यात्रा को सार्थक बनाया। उन्हें आदर्श शिक्षिका पुरस्कार से सम्मानित किया गया। महाराष्ट्र सरकार भी द्वारा वसई तालुका से उन्हें आदर्श शिक्षक पुरस्कार भी प्राप्त हुआ। उनके नेतृत्व में पोमन विद्यालय ने मुख्यमंत्री के ‘माझी सुंदर शाळा’ मॉडल पुरस्कार में दूसरा स्थान प्राप्त किया।
प्रतिभा प्रभु का व्यक्तित्व केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें अपने घर से गहरी सामाजिक और साहित्यिक विरासत भी मिली है। वे महान दलित साहित्यक लेखक और कवि बा.स.हाटेजी की बेटी हैं, जिनकी प्रसिद्ध कृतियाँ युगंधर, युगविधान, जिथं पाणी पेटल, रक्तक्खुना, मला पुरुष हवाय साहित्य जगत में आज भी चर्चित हैं। उनके दादा और पिता के परिवार ने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के कार्यों में सक्रिय योगदान दिया। इस सामाजिक पृष्ठभूमि ने प्रतिभा प्रभु को शिक्षा और समाज सेवा के प्रति गहरी प्रतिबद्धता दी।
प्रधानाध्यापिका के रूप में प्रतिभा प्रभु ने विद्यालय को न केवल शिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट बनाया, बल्कि विद्यालय की भौतिक संरचना और वातावरण को भी आकर्षक और प्रेरणादायी बनाया। श्रीमती प्रतिभा प्रभु ने बच्चों के लिए शिक्षण सामग्री और संसाधन उपलब्ध कराए। विद्यालय को सुंदर और अनुकरणीय बनाने में विशेष योगदान दिया। ग्रामीणों और समाज को शिक्षा के महत्व से जोड़ने का भी कार्य किया। श्रीमती प्रतिभा रविंद्र प्रभु की सेवानिवृत्ति केवल एक व्यक्तिगत पड़ाव नहीं है, बल्कि यह समाज और शिक्षा जगत के लिए प्रेरणा का क्षण है। उनकी शिक्षण यात्रा, सामाजिक विरासत और विद्यालय के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे।





