फ़तेहपुर में पीएसी जवान ने फंदा लगाकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- मैं कायर नहीं हूं,पत्नी कहती है कि कब मरोगे

फतेहपुर /उत्तर प्रदेश। फतेहपुर जिले के बहुआ कस्बे में पत्नी और ससुरालियों के तानों और ख्वाहिशों से तंग आकर प्रयागराज पीएसी में तैनात जवान ने शुक्रवार शाम मवेशीखाने में फंदा लगाकर जान दे दी। उसका शव कोठरी की धन्नी में रस्सी के फंदे से लटका मिला। मौके पर तीन पेज का सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड नोट में शादी के बाद से अब तक पत्नी और ससुरालियों से तंग होने का जिक्र है। ललौली थाना क्षेत्र के समदपुर खाभर गांव निवासी निरंजू कुमार (25) पीएसी में 2019 बैच का सिपाही था। वह चतुर्थ बटालियन धूमनगंज प्रयागराज में तैनात था। वह गुरुवार को प्रयागराज से छुट्टी लेकर घर आया।
इसके बाद शाम पत्नी आरती देवी को लेकर ससुराल हमीरपुर गया था। ससुराल से शुक्रवार दोपहर पत्नी के साथ घर लौटा। इसके बाद शाम से लापता हो गया। परिजन रात को मवेशी बांधने कोठरी में पहुंचे। जहां निरंजू काे धन्नी में रस्सी के फंदे से लटकता देखकर परिजनों के होश उड़ गए।
तीन पेज का सुसाइड नोट अपलोड किया
बेटे की मौत से मां फूलमती और पिता चंद्रपाल बदहवास हो गए। मृतक के दो बड़े भाई वीरेंद्र पाल, राजेंद्र पाल और बहन अवधरानी हैं। मृतक भाई बहनों में सबसे छोटा था। मरने से पूर्व उसने फेसबुक में तीन पेज का सुसाइड नोट अपलोड किया है। चर्चा है कि बाद में सुसाइड नोट का हटा दिया गया है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
उसकी शादी दो जनवरी 2023 को हमीरपुर शहर निवासी शिक्षक रणजीत पाल की बेटी के साथ हुई थी। रणजीत पाल मूलरूप से गाजीपुर थाने के सेवरामऊ निवासी हैं। प्रभारी निरीक्षक तारकेश्वर राय ने बताया कि मृतक के वायरल सुसाइड नोट के आधार पर जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तीन पेज के सुसाइड नोट में निरंजू ने शादी के बाद का दर्द बयां किया है। उसने अपने दर्द को स्वयंवेदना बताया है। पत्र में लिखा कि दहेज में बिना मांगे सात लाख देकर उसे खरीद लेने जैसा व्यवहार करते थे। नौकरी के मुकाम तक पहुंचाने वाले मां, पिता, भाई, बहन से पत्नी व ससुर दूर रहने का दबाव बनाते हैं।
रिश्तेदारों की तनख्वाह बताकर करती है जलील
पत्नी साथ देती, तो वह सबकुछ बर्दाश्त कर लेता। पत्नी अपने रिश्तेदारों की तनख्वाह बताकर जलील करती है। सिपाही की तनख्वाह सभी को मालूम है। पत्नी की खुशी के लिए जान दे रहा हूं। ससुराल वाले शहर में रहने का दबाव बनाते हैं। इसके लिए घर, ट्रैक्टर, खेत बेचने को कहते हैं।
उसका सपना है कि पत्नी पढ़ लिखकर परिवार का ख्याल रखे। वह पत्नी को बीएड की पढ़ाई भी करा रहा था। पत्नी बोलती है कि वह कायर है। नहीं तो अब तक मर जाता। अपने पिता के साथ रहने की बात करती है। उसकी मौत के जिम्मेदार ससुराल वाले हैं। अंत में लिखा कि वह कायर नहीं है।

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