सीतापुर के ऐतिहासिक घंटाघर भवन से 15 दिन में खाली करना होगा सीतापुर कांग्रेस कार्यालय,1971 से नहीं जमा किया गया किराया
यूपी के सीतापुर जिले में एक राजनीतिक कार्यालय को लेकर हंगामा मचा हुआ है। कांग्रेस कार्यालय को खाली करने का निर्देश दिया गया है। तय समय में अगर कार्यालय नहीं खाली हुआ तो जबरन खाली कराया जाएगा।

सीतापुर/उत्तर प्रदेश। सीतापुर स्थित तामसेनगंज के ऐतिहासिक घंटाघर भवन की पहली मंजिल पर संचालित शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यालय को 15 दिन के भीतर खाली करने का आदेश जारी किया गया है। नगर पालिका परिषद की अधिशासी अधिकारी एवं न्यायिक उपजिलाधिकारी सीमा सिंह ने कांग्रेस कमेटी की ओर से प्रस्तुत आपत्तियों को खारिज करते हुए भवन का कब्जा नगर पालिका को सौंपने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयावधि में परिसर खाली नहीं किया गया तो पुलिस बल की सहायता से कब्जा हटाया जाएगा। साथ ही कार्रवाई में आने वाला समस्त खर्च संबंधित पक्ष से वसूल किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी के स्थलीय निरीक्षण के दौरान नजूल भूखंड संख्या 244/1 पर स्थित घंटाघर भवन के प्रथम तल पर कांग्रेस कार्यालय संचालित पाया गया था। इसके उपरांत नजूल मैनुअल के नियम-74 के तहत कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए। साथ ही अभिलेखों से कांग्रेस का नाम हटाने और कब्जा समाप्त कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।
सुनवाई के दौरान कांग्रेस कमेटी की ओर से वर्ष 1972 से भवन पर कब्जा होने तथा तत्कालीन सरकार द्वारा आवंटन किए जाने का दावा किया गया। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई वैध दस्तावेज जैसे पट्टा, लीज डीड या इकरारनामा प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
नगर पालिका के अभिलेखों के अनुसार, उक्त भवन का अंतिम किराया 6 फरवरी 1971 को 320 रुपये के रूप में जमा किया गया था, जिसके बाद से लंबे समय तक किराया जमा नहीं किया गया। इसी आधार पर नगर पालिका ने कांग्रेस कमेटी को किराया बकायेदार मानते हुए कब्जे को अवैध करार दिया।
प्रशासन ने अपने आदेश में विभिन्न न्यायिक निर्णयों का हवाला देते हुए कहा है कि नजूल भूमि पर स्वामित्व राज्य सरकार का होता है और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना इस प्रकार की भूमि पर कब्जा या उपयोग वैध नहीं माना जा सकता। इन्हीं तथ्यों के आधार पर कांग्रेस कमेटी की आपत्तियां निरस्त करते हुए भवन को खाली कराने के निर्देश दिए गए हैं।




