गाजियाबाद में तेजी से पांव पसार रहा डेंगू, मरीजों का आंकड़ा 600 के पार

गाजियाबाद ब्यूरो। गाजियाबाद में 24 घंटे में डेंगू के 21 नए मामले मिलने के साथ ही जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या 635 के पार हो गई है। 50 सक्रिय मरीजों में से 38 अस्पतालों में भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि तापमान में गिरावट के साथ ही डेंगू के मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है। इसके बावजूद बुखार के मरीजों की डेंगू की जांच बहुत धीमी गति से की जा रही है।जिला एमएमजी, संयुक्त अस्पताल, जिला महिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी डासना, लोनी, मुरादनगर, मोदीनगर और पीएचसी भोजपुर में डेंगू जांच के लिए सैंपल एकत्र नहीं किए जा रहे हैं। इमरजेंसी में भर्ती होने वाले बुखार के गंभीर मरीजों के सैंपल लेकर जरूर जांच को भेजे जा रहे हैं। जिला एमएमजी और संयुक्त अस्पताल में बनाए गए डेंगू वार्ड में 24 घंटे में चिकित्सक केवल एक बार राउंड करके मरीजों को देखकर दवाएं लिखते हैं।
मरीजों के परिजनों का कहना है कि डेंगू वार्ड रात को वार्ड ब्वाय और नर्सिंग स्टाफ के हवाले होता है। ऐसे में तबीयत बिगड़ने पर मरीज को इमरजेंसी मेडिकल आफिसर की परामर्श पर दिल्ली और नोएडा रेफर कर दिया जाता है। जिला एमएमजी में छह और संयुक्त अस्पताल में डेंगू के सात मरीज भर्ती हैं। नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर डेंगू की रोकथाम को लेकर फागिंग अभियान भी नहीं चलाया गया है। फागिंग बंद होने से शहरी और देहात क्षेत्रों में तेजी से डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
जिले में एक अगस्त से अब तक मिले डेंगू के 635 मरीजों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। सीएमओ डा. भवतोष शंखधर ने जिला सर्विलांस अधिकारी आरके गुप्ता को निर्देश दिए हैं कि नए केस मिलने पर डेंगू के वेरिएंट का पता लगाने को सैंपल एकत्र करके जांच को दिल्ली जरूर भेजे जाएं। इस संबंध राज्य पर्यवेक्षक से समन्वय बनाते हुए सैंपल भेजने के निर्देश दिए गए हैं।




