यमराज से लड़ गया दिल्ली पुलिस का जवान,16 परिवारों की बचाई जान
दिल्ली पुलिस-दिल की पुलिस का नारा हुआ सच

- दिल्ली के मोहन गार्डन में सिलेंडर ब्लास्ट से लगी आग
- कॉन्स्टेबल अनिल ने जलते सिलेंडर को बाहर निकाला
- डीसीपी अंकित सिंह ने कॉन्स्टेबल की बहादुरी की सराहना की
राजीव कुमार गौड़/दिल्ली ब्यूरो। तारीख 20 दिसंबर और समय रात के करीब 9:39 बजे. अचानक फोन की घंटी ने दी खतरे की दस्तक। दिल्ली के मोहन गार्डन थाना क्षेत्र की एक चार मंजिला इमारत से कंट्रोल रूम को एक डरावनी सूचना मिली। खबर थी कि इमारत के एक फ्लैट में गैस सिलेंडर में आग लग गई है और वह कभी भी फट सकता है। मकान के कई बिल्डिंग के दरवाजे अंदर से बंद थे। अचानक सभी घरों के दरवाजों पर जोर-जोर से आवाज आने लगी। पुलिस कमांड रूम ने तुरंत मोहन गार्डन के एसएचओ इंस्पेक्टर मुकेश अंतिल को सूचित किया. डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम से मैसेज फ्लैश होते ही एसएचओ ने तुरंत अपने बीट स्टाफ को डायल किया ताकि मौके पर तुरंत पहुंच सके।
बता दें कि राजधानी दिल्ली की तंग गलियों में तैनात पुलिसकर्मी अक्सर कानून व्यवस्था और अपराध रोकने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन कभी-कभी उनकी वर्दी के पीछे एक ऐसा फरिश्ता छिपा होता है जो दूसरों की जान बचाने के लिए यमराज यानी मौत से भी टकरा जाता है। ऐसी ही एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना 20 दिसंबर 2025 की रात को मोहन गार्डन इलाके में घटी। दिल्ली पुलिस के एक जांबाज सिपाही ने अपनी जान की परवाह किए बिना वह कर दिखाया, जिसे सुनकर किसी का भी सीना गर्व से चौड़ा हो जाए।
जिस इमारत में आग लगी थी, वह चार मंजिला थी और उसमें कुल 16 परिवार रहते थे। रात का समय होने के कारण अधिकांश लोग अपने घरों में थे। आग रसोई में रखे एक गैस सिलेंडर में लगी थी, जो तेजी से फैल रही थी। अगर सिलेंडर फटता, तो पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह सकती थी और दर्जनों जिंदगियां पल भर में खाक हो सकती थीं। पीसीआर और फायर ब्रिगेड को पहुंचने में कुछ मिनट लगने वाले थे, लेकिन वहां मौजूद लोगों के लिए हर एक सेकंड सदियों के बराबर था।
डीसीपी अंकित सिंह ने इस साहसी कार्य की सराहना करते हुए कहा कि कॉन्स्टेबल अनिल की त्वरित कार्रवाई ने कई जिंदगियां बचाईं। यह दिल्ली पुलिस के सेवा और साहस के आदर्श वाक्य का जीता-जागता उदाहरण है। हमें अपने जवान की निर्भीकता पर गर्व है। परिपूर्ण न्यूज़ समाचार पत्र परिवार दिल्ली पुलिस के बहादुर जवान के इस अदम्य साहस को सलाम करता है।





