दिल्ली में आईएसआईएस का आतंकी गिरफ्तार, एनआईए की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में था शामिल, 15 अगस्त से पहले बड़ी कामयाबी
ISIS terrorist arrested in Delhi, was included in NIA's most wanted list, big success before 15 August

नई दिल्ली/एजेंसी। 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) से ठीक पहले दिल्ली में आईएसआईएस के एक मोस्ट वांटेड आतंकी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उस पर तीन लाख का इनाम था। गिरफ्तार आतंकी का नाम रिजवान अली है। वह एनआईए की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल था। आतंकी रिजवान अली दरियागंज में रह रहा था। पुणे आईएसआईएस मॉड्यूल का आतंकी है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे गिरफ्तार किया है। उसके पास से हथियार भी मिले हैं। इस आतंकी को 2018 में पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया था। हालांकि, बाद में छोड़ दिया गया था।
रिजवान अली, पुणे आईएसआईएस मॉड्यूल के कुख्यात आतंकियों में शामिल था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को उसके दरियागंज में होने की जानकारी मिली थी। इसी दौरान छापेमारी की गई जिसमें आतंकी गिरफ्तार कर लिया गया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल रिजवान अली से पूछताछ कर रही है। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से हथियार में बरामद हुआ है।
एनआईए की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल रिजवान अली की तलाश काफी समय से थी। उस पर 3 लाख का इनाम भी घोषित किया गया था। ऐसा बताया जा रहा कि उसने कई जगह दिल्ली आईईडी बनाकर टेस्टिंग भी की थी। पुणे मॉड्यूल में रिजवान अली के शामिल होने का खुलासा होने के बाद लगातार एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी थी। हालांकि, वो लगातार छिप-छिपकर रहा था।
स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में खास समारोह होता है। इससे ठीक पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल आतंकी रिजवान अली को गिरफ्तार करने में सफल रही। देखना होगा कि पूछताछ में उससे क्या जानकारी मिलती है। स्पेशल सेल के अधिकारी रिजवान अली से लगातार पूछताछ कर रहे हैं। डीसीपी स्पेशल सेल प्रतिक्षा गोदारा ने बताया, कल रात 11 बजे दरियागंज निवासी रिजवान अली के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। जिसके बाद उसे गंगा बक्श मार्ग के पास से रात करीब 11 बजे गिरफ्तार कर लिया गया।
अली के पास से .30 बोर की स्टार पिस्टल, 3 कारतूस और दो मोबाइल भी बरामद हुए हैं। इसके चलते स्पेशल सेल ने भी उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। अली पर मुंबई और दिल्ली में यूएपीए, विस्फोटक अधिनियम जैसे संगीन केस दर्ज हैं। पुलिस सूत्र का कहना है कि आरोपी पुणे पुलिस की हिरासत से भागने में कामयाब हो गया था, जिसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अली की गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था। मगर वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। मगर कल आखिरकार वो पुलिस के हत्थे चढ़ गया। खबर लिखे जाने तक पुलिस उससे यह पता लगाने में लगी थी कि वह किन-किन लोगों के संपर्क में था, वह क्या प्लान कर रहा था।



